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शबरी माता मंदिर की आस्था पर सियासत! शबरी माता के नाम पर कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा कर रहे राजनीति : सीताराम आदिवासी #श्योपुर #Sheopur #SabriMataMandir #Mukeshmalhotra #SeetaramAdiwasi #ChambalTV
Gwalior Gird, Gwalior
| Jul 11, 2026
#श्योपुर
#sheopur
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#लखनऊ में कांवड़िया ड्रेस में उपद्रव! स्कूली वैन पर पथराव, दहशत में मासूम बच्चे देशभर में बढ़ रहे कांवड़ यात्रा के दौरान उपद्रव... कब होगी सख्त कार्रवाई? . . . #breakingnewswala #LucknowNews #kanwaryatra #BNWTV
Gwalior Gird, Gwalior | Aug 3, 2026
#काशी विश्वनाथ मंदिर में VIP दर्शन के नाम पर ठगी! कर्नाटक की महिला श्रद्धालु से ₹4 हजार वसूलने वाले दलाल को पुलिस ने पकड़ा। SHO ने मौके पर ही पैसे वापस कराए और जमकर फटकार लगाई। . . . #breakingnewswala #vishwanathtemple #sawan #BNWTV
Gwalior Gird, Gwalior | Aug 3, 2026
#दतिया उपचुनाव में मिली हार के बाद BJP प्रत्याशी आशुतोष तिवारी का बड़ा बयान; बोले - मैं कोई शिकार करने की चीज नहीं . . . #breakingnewswala #DatiaNews #AshutoshTiwari #datiabreaking
Gwalior Gird, Gwalior | Aug 3, 2026
मुरैना में बदहाल मत्स्य बीज भंडारण टैंक, ग्रामीणों ने उठाए सवाल—'बजट कहां खर्च हो रहा है?' मुरैना। जिले में मत्स्य विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग द्वारा बनाए गए मत्स्य बीज भंडारण टैंक और नर्सरी लंबे समय से उपेक्षा का शिकार हैं। कई टैंकों की हालत जर्जर दिखाई दे रही है, जबकि कुछ टैंकों में वर्षों से मछली के बीज नहीं रखे गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इन टैंकों पर न तो विभागीय गतिविधियां दिखाई देती हैं और न ही कोई अधिकारी या कर्मचारी नियमित रूप से यहां पहुंचता है। उनका आरोप है कि सरकारी धन से टैंक तो बना दिए गए, लेकिन रखरखाव और उपयोग पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि मत्स्य विभाग को हर वर्ष बजट मिलता है, तो उसका उपयोग आखिर कहां किया जा रहा है। वहीं, इस मामले में जब मत्स्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई तो उनका कहना है कि परिसर में मत्स्य बीज रखने के लिए नर्सरी संचालित की जाती है। हालांकि, मौके पर दिखाई दे रही स्थिति विभाग के दावों से मेल नहीं खाती। टैंकों की बदहाल हालत और गतिविधियों के अभाव ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस ग्राम पंचायत में यह मत्स्य बीज केंद्र स्थापित है, वहां न तो पर्याप्त सुविधाएं हैं और न ही विभाग की ओर से नियमित देखरेख की जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और मत्स्य विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर टैंकों की वास्तविक स्थिति की जांच कराते हैं या नहीं। यदि ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो सरकारी संसाधनों और बजट के उपयोग की भी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता होगी।
Gwalior Gird, Gwalior | Aug 3, 2026
मुरैना में बदहाल मत्स्य बीज भंडारण टैंक, ग्रामीणों ने उठाए सवाल—'बजट कहां खर्च हो रहा है?' मुरैना। जिले में मत्स्य विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग द्वारा बनाए गए मत्स्य बीज भंडारण टैंक और नर्सरी लंबे समय से उपेक्षा का शिकार हैं। कई टैंकों की हालत जर्जर दिखाई दे रही है, जबकि कुछ टैंकों में वर्षों से मछली के बीज नहीं रखे गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इन टैंकों पर न तो विभागीय गतिविधियां दिखाई देती हैं और न ही कोई अधिकारी या कर्मचारी नियमित रूप से यहां पहुंचता है। उनका आरोप है कि सरकारी धन से टैंक तो बना दिए गए, लेकिन रखरखाव और उपयोग पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि मत्स्य विभाग को हर वर्ष बजट मिलता है, तो उसका उपयोग आखिर कहां किया जा रहा है। वहीं, इस मामले में जब मत्स्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई तो उनका कहना है कि परिसर में मत्स्य बीज रखने के लिए नर्सरी संचालित की जाती है। हालांकि, मौके पर दिखाई दे रही स्थिति विभाग के दावों से मेल नहीं खाती। टैंकों की बदहाल हालत और गतिविधियों के अभाव ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस ग्राम पंचायत में यह मत्स्य बीज केंद्र स्थापित है, वहां न तो पर्याप्त सुविधाएं हैं और न ही विभाग की ओर से नियमित देखरेख की जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और मत्स्य विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर टैंकों की वास्तविक स्थिति की जांच कराते हैं या नहीं। यदि ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो सरकारी संसाधनों और बजट के उपयोग की भी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता होगी।
Gwalior Gird, Gwalior | Aug 3, 2026