वाहन चोरी की घटनाओ को अंजाम देने वाले 03 शातिर वाहन चोरों को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से चोरी के 08 दोपहिया वाहन एवं चोरी की 02 एक्टिवा के पार्ट्स हुए बरामदअभियुक्त सुनियोजित तरीके से क्षेत्र में रैकी कर देते थे वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम
थाना नेहरू कॉलोनी पर अलग-अलग तिथियां में वाहन स्वामियों द्वारा अपने वाहनों को नेहरुकोलोनी क्षेत्रान्तर्गत अलग अलग स्थानों से चोरी किये जाने के सम्बन्ध में दी गई तहरीर के आधार पर थाना नेहरू कॉलोनी पर वाहन चोरी के अलग-अलग अभियोग पंजीकृत किये गए।
थाना क्षेत्र में लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओं की गम्भीरता के दृष्टिगत उनके अनावरण तथा उसमें शामिल अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा दिये गये निर्देशों पर थाना नेहरू कॉलोनी पर पुलिस टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा सभी घटना स्थलों का निरीक्षण कर उनके आस-पास तथा आने जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों का अवलोकन करते हुए घटना में शामिल संदिग्धों के समबन्ध में आवश्यक जानकारियां एकत्रित की गई तथा प्राप्त जानकारी के आधार पर सुरागरसी/पतारसी करते हुए स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। साथ ही पूर्व में वाहन चोरी की घटनाओं में प्रकाश में आये अभियुक्तों की वर्तमान स्थिती की जानकारी प्राप्त कर उनका भौतिक सत्यापन किया गया।
पुलिस टीमों द्वारा लगातार किये जा रहे अथक प्रयासों के परिणाम स्वरूप दिनांक: 02-07-2026 को पुलिस टीम द्वारा चैकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर वाहन चोरी की घटनाओं में शामिल 03 अभियुक्तों 01: मोहन क्षेत्री उर्फ मांचा पुत्र दिल बहादुर 02: वीरपाल उर्फ भेड़ पुत्र सरफराज तथा 03: अरसल पुत्र असलम को नेहरू कॉलोनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया, जिनकी निशानदेही पर पुलिस टीम द्वारा अलग-अलग स्थानों से चुराई गई 02 मोटर साइकिल, 06 एक्टिवा तथा 02 एक्टिवा के इंजन व अन्य पार्टस बरामद किये गये।
पूछताछ का विवरण
अभियुक्तों से पूछताछ में पुलिस टीम को जानकारी प्राप्त हुई कि अभियुक्त मोहन उर्फ मांचा ध्याड़ी मजदूरी तथा अभियुक्त वीरपाल सिटी बस में कन्डक्टर का काम करता है तथा दोनो नशे के आदी है। अपने नशे की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये उनके द्वारा वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया गया था। दोनों अभियुक्त देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर घूम कर सुनसान क्षेत्र में खड़े दो पहिया वाहनों को अपने पास रखी मास्टर कि से खोलकर वाहन चोरी घटनाओं को अंजाम देते थे तथा जिन वाहनों को वह मास्टर की से नहीं खोल पाते थे, उनका लॉक तोड़कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। अभियुक्त चोरी के वाहनों को अपने तीसरे साथी अरसल, जो मैकेनिक का काम करता है, को बेच देते थे, जिसके द्वारा उक्त वाहनों के पार्ट्स निकालकर उन्हें कबाड़ियों को बेचा जाता था। पूछताछ में अभियुक्त मोहन क्षेत्री का पूर्व में भी आपराधिक घटनाओ में जेल जाना प्रकाश में आया है, अन्य अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही
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