🏭 19 साल बाद बदल रही है औरैया की प्लास्टिक सिटी की तस्वीर!
कभी सिर्फ कागजों पर दिखने वाली औरैया की प्लास्टिक सिटी अब तेजी से हकीकत का रूप ले रही है। वर्ष 2006 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 2012 में प्लास्टिक सिटी का नाम मिला था, लेकिन लंबे समय तक यहां विकास की रफ्तार धीमी रही।
अब इन्वेस्ट यूपी की पहल से हालात बदलते नजर आ रहे हैं। पिछले छह महीनों में करीब 20 औद्योगिक इकाइयों ने काम शुरू किया है और 55 नए प्लॉटों का आवंटन होने के बाद अब 188 उद्योगों की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है।
🚧 तेजी से बन रही हैं सड़कें
👮 सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी की स्थापना हो चुकी है
⚡💧 उद्यमियों की मांग पर बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी लगातार बेहतर बनाया जा रहा है।
प्लास्टिक सिटी में स्टील फैब्रिकेशन, फार्मा क्राफ्ट इंडिया जैसी बड़ी इकाइयां आकार ले रही हैं। वहीं करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से ई-वेस्ट रिसाइक्लिंग प्लांट भी स्थापित किया जा रहा है, जहां इलेक्ट्रॉनिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्चक्रण होगा।
सबसे सुखद बात यह है कि अब स्थानीय उद्यमी भी इस औद्योगिक विकास का हिस्सा बन रहे हैं। दिबियापुर के गौरव दुबे, अवनीश विश्नोई, अमन विश्नोई ने फर्नीचर उद्योग स्थापित किए हैं, जबकि अधिवक्ता आशुतोष दुबे ने प्लास्टिक सिटी का पहला प्लास्टिक उद्योग शुरू किया है। साथ ही कानपुर की एक कंपनी ने यहां स्क्रैप सेंटर की भी स्थापना की है।
यदि यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले वर्षों में औरैया की प्लास्टिक सिटी उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में अपनी अलग पहचान बनाएगी और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर लेकर आएगी।
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