स्कूल जाने का रास्ता बना नाला, झाड़ियों से गुजरने को मजबूर मासूम; सेमरौली में बदहाली पर उठे सवाल
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#हरदोई। सरकार एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था और विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं टड़ियावां ब्लॉक के सेमरौली गांव से सामने आई तस्वीरें इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही हैं। गांव के जूनियर सरकारी स्कूल तक जाने वाला मुख्य मार्ग लंबे समय से जलभराव और गंदगी की चपेट में है। हालात ऐसे हैं कि स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों और ग्रामीणों को सड़क से गुजरने के बजाय किनारे की झाड़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है।
बारिश हो या गर्मी, रास्ते में रहता है पानी
ग्रामीणों का कहना है कि समस्या केवल बारिश के दिनों की नहीं है। रास्ते में 12 महीने जलभराव की स्थिति बनी रहती है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण सड़क ने नाले का रूप ले लिया है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब बच्चों के स्कूल पहुंचने का रास्ता ही सुरक्षित नहीं है, तो शिक्षा व्यवस्था कैसे बेहतर होगी?
स्कूल परिसर में भी गंदगी का आरोप
बदहाली सिर्फ स्कूल के बाहर तक सीमित नहीं होने का आरोप है। स्कूल के अध्यापकों के मुताबिक, लैटरीन और बाथरूम की सफाई लंबे समय से नहीं हुई है, जिसके चलते वहां गंदगी और दुर्गंध का आलम है। शिक्षकों का कहना है कि सफाईकर्मी के नियमित रूप से नहीं आने के कारण बच्चों को अस्वच्छ माहौल में पढ़ाई करनी पड़ रही है।
जिम्मेदारों की अनदेखी पर ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों पर समस्या की अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बार-बार समस्या के बावजूद जल निकासी और रास्ते की व्यवस्था दुरुस्त नहीं कराई गई। लोगों ने प्रशासन से तत्काल जलभराव दूर कराने, रास्ते की मरम्मत कराने और स्कूल परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित कराने की मांग की है।
सेमरौली के ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी इस समस्या का तत्काल समाधान होना चाहिए। अब देखना होगा कि खबर सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते हैं या समस्या जस की तस बनी रहती है।
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Hardoi, Hardoi | Jul 30, 2026