🦟 अनुचित समर्थन🦟
बड़े इत्मीनान से मोबाइल देख रहा था।अचानक कुछ मच्छर आए और मेरा खून चूसने लगे।
मैने मारा"चटाक!"एक मरा बाकी भाग गए।वे शोर मचाने लगे"तुम अहिष्णु हो! शोर सुनकर कुछ चिर विरोधी लोग जुट गए। कहने लगे "क्या हुआ जो एक
बूंद खून ले गए? गर्मी में मलेरिया कम होती है।ये पूंजीपति नहीं है जो लोगों का खून चूसकर अपने बैंक भरते हैं।अपना वंश चलाने ले लिए एक बूंद खून लेते हैं। तुम कितने मारोगे? हर घर से मच्छर निकलेगा।एक ज्ञानी सज्जन ने कहा"जिस मच्छर को तुमने मारा वो चुपचाप बैठा था। इतने में उसकी विधवाएं शोर मचाने लगीं। कहने लगीं "हमने काटा वो हमारा जुनून था।
तुमने जिसे मारा उसके रगों में तुम्हारा ही खून था"।
कितनों को मारोगे?हम आजादी लेकर रहेंगे। "देश में अनुचित बातों का समर्थन करने वालों की कमी नहीं है। बस हर बात का विरोध करना है।
मेरा धैर्य अब टूट चुका था। कहा" मैं तुम्हे अभी आजाद करता हूं"" और बैगोन स्प्रे की बौछार कर दिया।