SGMH में पार्किंग शुल्क वसूली को लेकर उठे सवाल, प्रशासन ने आरोपों को बताया भ्रामक
रीवा। विंध्य क्षेत्र के सबसे बड़े अस्पताल Sanjay Gandhi Memorial Hospital (SGMH) की पार्किंग व्यवस्था को लेकर हाल के दिनों में विभिन्न चर्चाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों द्वारा आरोप लगाया गया है कि अस्पताल परिसर में पार्किंग शुल्क वसूली और संचालन प्रक्रिया में अनियमितताएं हैं तथा मामले की जांच कराए जाने की मांग की गई है।
हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को भ्रामक बताते हुए अपना पक्ष स्पष्ट किया है। संजय गांधी शिक्षण अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने कहा कि वर्तमान में पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह निर्धारित प्रक्रिया के तहत संचालित हो रही है और बिना वैध प्रक्रिया के शुल्क वसूली किए जाने के आरोप तथ्यात्मक नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में नए पार्किंग टेंडर की प्रक्रिया जारी है और आगामी 10 दिनों के भीतर नया टेंडर जारी होने की संभावना है। वर्तमान व्यवस्था भी नियमानुसार संचालित की जा रही है तथा पार्किंग शुल्क से संबंधित सभी प्रक्रियाएं वैधानिक रूप से लागू हैं।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि पार्किंग व्यवस्था से जुड़े कुछ पुराने मामलों और पूर्व ठेकेदारों के बकाया भुगतान जैसी समस्याएं पूर्व में सामने आई थीं। कई बार कुछ कंपनियां नाम बदलकर नए टेंडर में भाग लेती हैं और पुराने बकाया का भुगतान नहीं करतीं, जिससे प्रशासनिक चुनौतियां उत्पन्न होती हैं। ऐसे मामलों पर अस्पताल प्रबंधन लगातार निगरानी रखता है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, यदि कहीं भी अवैध वसूली या नियमों के उल्लंघन की शिकायत प्राप्त होती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। समय-समय पर पार्किंग व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक सख्ती भी बरती जाती है ताकि मरीजों और उनके परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इधर, कुछ नागरिकों का कहना है कि पार्किंग व्यवस्था से जुड़े दस्तावेज, अनुबंध और राजस्व संबंधी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। उन्होंने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक होने पर जांच कराए जाने की भी मांग की है।
प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद अब मामले की वास्तविक स्थिति आधिकारिक दस्तावेजों, टेंडर प्रक्रिया और संबंधित तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी। वहीं अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह वैध प्रक्रिया के तहत संचालित हो रही है और नए टेंडर के बाद व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाया जाएगा।