झींकपानी: पशुधन विकास योजना ने बदली कविता तांती की जिंदगी, मजदूरी छोड़ बकरी पालन से बनी आत्मनिर्भर
सदर प्रखंड के हरिला गाँव की कविता तांती मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना को स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही है, कभी अनिक्षित दैनिक मजदूरी पर निर्भर रहने वाली कविता आज बकरी पालन कर परिवार के लिए आर्थिक संबल तैयार कर रही है अब उनकी बार्षिक आय 80हजार से 1-30लाख रूपये हो गया कविता आस पास गाँव मे खुद को एक मिशाल के रूप मे लोग चर्चा करते है