इससे बड़ा गम कोई नही हो सकता, 5 साल के अर्णव और पिता बुधपाल का शव देखकर, सर्वेश के मूंह से सिर्फ एक ही आवाज आ रही थी, पापा, पापा, पापा...
ये दर्दनाक हादसा खुदागंज के सब्जी मंडी के पास हुआ था। सर्वेश रूद्रपुर से घर लौटे और खुदागंज में एक स्थान पर रूक गए थे। क्योंकि उनका पांच साल का बेटा और पिता बुधपाल बेटे सर्वेश को बाइक से लेने जा रहे थे। सर्वेश इंतजार कर रहे थे, तभी उनको सूचना मिली कि एक किलोमीटर दूर किसी वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी और उसमे अर्णव और बुधपाल की मौत हो गई है। फिर समझो सर्वेश का सबकुछ खत्म हो गया, दौड़कर घटनास्थल पर गए तो वहां पर दोनो के शव पड़े थे, सर्वेश बदहवास हो गए और उनका रो रोकर बुरा हाल हो गया। लोग उनको जैसे तैसे रोकते रहे और शव के पास नही जाने दिया। सर्वेश बहुत खुश थे कि काफी दिनों बाद वह बेटे और पिता को देखेंगे ।लेकिन उपर वाले को ये मंजूर नही था।