हज़ारीबाग: राष्ट्रपति से सम्मान, फिर भी तंगहाली! छऊ गुरु परीक्षित महतो की पुकार—‘हुजूर, एक नजर इधर भी’
राष्ट्रपति से सम्मान, लेकिन जिंदगी तंगहाली में! बोकारो के चंदनकियारी निवासी छऊ नृत्य के उस्ताद परीक्षित महतो ने अपनी कला से झारखंड को राष्ट्रीय पहचान दिलाई और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार हासिल किया। बावजूद इसके वे आज आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कला संरक्षण में जीवन समर्पित करने वाले इस कलाकार ने सरकार और प्रशासन से प्रशिक्षण केंद्र व भवन की मांग की है। सवाल है—क्या ऐसे कलाकारों को सिर्फ सम्मान, या सम्मानजनक जीवन भी मिलेगा?