🔰 नोहर फीडर में कथित दूषित पानी के विरोध में किसानों की महापंचायत,10 दिन का अल्टीमेटम
🔰 13 जुलाई को हेड की ओर कूच की चेतावनी
🔲 नोहर (राकेश धामू)- नोहर फीडर पेयजल नहर में हरियाणा की ओर से कथित रूप से सेम का दूषित पानी छोड़ने की तैयारी को लेकर किए गए निर्माण के विरोध में मंगलवार को फेफाना गांव में अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले विशाल महापंचायत आयोजित हुई। महापंचायत में क्षेत्रभर से सेंकड़ों किसान पहुंचे। सुबह 10 बजे से किसानों का पहुंचना शुरू हो गया और दोपहर 12 बजे तक आयोजन स्थल पर लगाया गया पंडाल पूरी तरह भर गया। महापंचायत को संबोधित करते हुए नोहर विधायक अमित चाचाण ने कहा कि मामला संज्ञान में आने के बाद उन्होंने सबसे पहले इस संबंध में मुख्यमंत्री व उच्च अधिकारियों को पत्र भेज कर अवगत कराया था। मगर सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते हरियाणा लगभग निर्माण कार्य पूरा करने में सफल रहा। अधिकारी आपस में पत्र-पत्र का खेल खेलते रहे उधर हरियाणा ने डेन का पानी डालने के लिए निर्माण पूरा कर लिया उन्होंने कहा कि यह केवल किसानों का नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के पेयजल और जनस्वास्थ्य का मुद्दा है। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि वे हर संघर्ष में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। विधायक ने कहा कि क्षेत्र की नहरे में पानी नहीं है किसानों की फैसले लम्बे समय से प्रभावित हो रही है । मगर सुनवाई करने वाला कोई नहीं है।महापंचायत को संबोधित करते हुए किसान सभा के जिलाध्यक्ष मंगेज चौधरी ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार नोहर फीडर नहर में सेम का जहरीला और प्रदूषित पानी छोड़ने के लिए निर्माण कार्य करवाया है। उन्होंने कहा कि यदि यह पानी नहर में छोड़ा गया तो इससे लाखों लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा होगा तथा कैंसर जैसी घातक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि जब तक कथित अवैध निर्माण को पूरी तरह हटाया नहीं जाता, किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। मंगेज चौधरी ने आरोप लगाया कि राजस्थान की बिना अनुमति के राजस्थान की भूमि पर हरियाणा लगातार निर्माण कार्य करता रहा मगर राजस्थान की सरकार व अधिकारी सोए रहे। मंगेज ने कहा कि हरियाणा डेन का पानी छोड़ने के लिए करीब-करीब निर्माण कार्य पूरा कर चुका है निर्माण कार्य पूरा होने के बाद किसानों को गुमराह करने के लिए निर्माण कार्य बंद करने का पत्र जारी किया जा रहा है। महापंचायत के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद किसानों ने प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया। चेतावनी दी गई कि यदि इस अवधि में कथित अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो 13 जुलाई को जनानिया में हजारों किसान एकत्र होकर नोहर फीडर हेड की ओर कूच करेंगे और आंदोलन को निर्णायक रूप दिया जाएगा। वार्ता में एसपी गीता चोधरी,एसडीएम राहुल श्रीवास्तव व सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद थे। महापंचायत में अन्य वक्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई केवल किसानों की नहीं बल्कि क्षेत्र के लाखों लोगों के स्वच्छ पेयजल, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने सरकार से तत्काल निर्माण कार्य हटवाने और नहर को प्रदूषण से बचाने की मांग की। महापंचायत में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मनीष मक्कासर,कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्रवण तवर, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बनवारी सुथार, निहाल सिंह कड़वासरा,किसान सभा फेफाना के अध्यक्ष सुभाष, उपाध्यक्ष इमरान, प्रदीप पुरोहित,सवाई राजपूत, कुलदीप, सज्जन गोदारा, अमित ढाका, विक्रम गोदारा, संदीप सहू, मोहन भाम्भू, रायसिंह डूडी, राजेश डूडी, दलीप सहू, कृष्ण बैनिवाल,युवा नेता राजेश कदोई,सुरेश स्वामी, बलबीर सहारण, मनीराम नायक, श्योवीर ज्याणी, विकास सहारण, जिंदरपाल गोदारा, रामनिवास सिहाग, बादल सरदार, महबूब आइतन, विनोद गोदारा सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और किसान नेताओं ने संबोधित किया। महापंचायत में एक स्वर से कहा गया कि यदि किसानों की मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर प्रशासन को तीन सूत्री मांग पत्र दिया गया जिसमें हरियाणा द्वारा करवाए गए निर्माण कार्य को हटाने, नोहर फीडर में बन रहे पक्के खालो की जांच कर गुणवत्तापूर्ण कार्य करवाने व नोहर फीडर में पूरा सिंचाई पानी देने की मांग की गई।
Hanumangarh, Hanumangarh | Jul 2, 2026