औरैया: कोर्ट ने ससुर की अपील खारिज करते हुए कहा, बहू को हर महीने ₹3000 गुजारा भत्ता देना ही होगा
घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के तहत अपर सत्र न्यायालय (एफ.टी.सी. प्रथम) औरैया ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने ससुर रमेश चंद्र त्रिपाठी की फौजदारी अपील को खारिज करते हुए निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसके तहत बहू शालिनी त्रिपाठी को 3000 रुपये प्रतिमाह अंतरिम भरण-पोषण भत्ता देने का आदेश दिया गया था। औरैया के खानपुर थाना