शेड्यूल एरिया में 100% राजनीतिक आरक्षण किसी एक परिवार, एक संगठन या कुछ गिने-चुने नेताओं की जागीर नहीं है, वो पूरे आदिवासी समाज का हक है - समाज सेवी दिनेश चंद्र आहारी
अगर सच में समाज का भला करना है तो -
1. रोटेशन सिस्टम - एक बार सरपंच, प्रधान, विधायक जो बन गया, अगली बार दूसरा भाई-बहन को मौका मिले। एक ही व्यक्ति बार-बार कुर्सी पर न बैठे।
2. पार्टी से ऊपर समाज - हर पार्टी के अंदर आदिवासी युवाओं को अपनी जगह बनानी पड़ेगी, किसी एक नेता या सामाजिक संगठन का गुलाम बनकर नहीं।
3. ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ - आरक्षण का मतलब ही है अधिक से अधिक आदिवासी परिवारों तक नेतृत्व और विकास पहुँचे।
आपकी इस सोच से ही PESA कानून और 5वीं अनुसूची की मूल भावना मजबूत होगी है - गांव का राज, गांव में ही चले। परिवारों को अपनी सोच बदलनी होगी हर हालत में अगर आदिवासी समाज में परिवर्तन और अधिक से अधिक सुधार चाहते हो तो और नहीं चाहते हो तो उसी तरह से जंडिया और डांडिया लेकर घूमते रहो तुम्हें कोई