नशे की गिरफ्त में होने के कारण उनके पढ़ाई लिखाई भी कमजोर पर रही है।खासकर इस नशे के लपेट में ऐसे बच्चे हैं जिनके अभिभावक रोजी-रोटी के जुगाड़ में व्यस्तता रहने के कारण बच्चों पर ध्यान नहीं दे पाते हैं।कई नोनिहाल व युवा व किशोर क्षेत्र के बहियार,आम बगीचा,बांसवारी व मक्का के खेतों में छिपकर पतला सूती कपड़ा या फिर पॉलिथीन में सुलेशन छिड़कर सूंघते हुए देखे जाते है