नवाब शादाब अली बहादुर का समस्त बांदा वासियों के नाम भावपूर्ण संदेश
प्रिय बांदा वासियों, नमस्कार, आदाब।
बांदा की गौरवशाली धरती वीरों, स्वतंत्रता सेनानियों और ऐतिहासिक विरासत की साक्षी रही है। आज मैं आप सभी से एक महत्वपूर्ण विषय पर संवाद करना चाहता हूँ।
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी नवाब अली बहादुर द्वितीय ने देश और बुंदेलखंड की अस्मिता की रक्षा के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया। उनका संघर्ष, साहस और राष्ट्रप्रेम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। किंतु यह अत्यंत दुःख का विषय है कि आज भी बांदा जनपद में उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए कोई प्रमुख महाविद्यालय, अस्पताल, उद्यान, वाचनालय अथवा अन्य सार्वजनिक संस्थान स्थापित नहीं किया गया है।
यह केवल एक व्यक्ति के सम्मान का विषय नहीं, बल्कि हमारे इतिहास, हमारी विरासत और उन बलिदानों के सम्मान का प्रश्न है जिन्होंने स्वतंत्रता की नींव मजबूत की।
मैं बांदा के सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा बुद्धिजीवी वर्ग से अपील करता हूँ कि इस जनभावना को सशक्त बनाएं और शासन-प्रशासन तक अपनी आवाज़ पहुँचाएं, ताकि नवाब अली बहादुर द्वितीय की स्मृति में एक भव्य एवं स्थायी स्मारक अथवा सार्वजनिक संस्थान की स्थापना हो सके।
आइए, हम सब मिलकर अपने इतिहास के इस महान नायक को वह सम्मान दिलाने का प्रयास करें जिसके वे वास्तविक हकदार हैं।
आपका सहयोग और समर्थन ही इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है।
सादर,
नवाब शादाब अली बहादुर
भोपाल, मध्य प्रदेश
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Banda, Banda | Aug 2, 2026