अपहरण से खूनी हमले तक... 48 घंटे बाद भी राजू का सुराग नहीं, 155 CCTV खंगाल रही पुलिस
औंग के भीकमपुर हत्याकांड की गुत्थी उलझी, घायल खतरे से बाहर, लापता राजू की तलाश बनी सबसे बड़ी चुनौती
पारिवारिक विवाद ने ली खूनी करवट, एसपी की निगरानी में पांच टीमें जुटीं, हर पहलू की हो रही वैज्ञानिक जांच
फतेहपुर। औंग थाना क्षेत्र के भीकमपुर गांव में हुए चर्चित खूनी घटनाक्रम ने अब जांच के नए मोड़ ले लिए हैं। शुरुआती पारिवारिक विवाद से शुरू हुई यह घटना अब अपहरण, जानलेवा हमले, एक मौत और एक व्यक्ति के रहस्यमय ढंग से लापता होने की गुत्थी बन चुकी है। घटना के 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी लापता राजू विश्वकर्मा का कोई सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में क्राइम डिटेक्शन, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की कुल पांच टीमें लगातार खोजबीन में जुटी हैं। अब तक कानपुर मार्ग से लेकर सिकठिया क्षेत्र तक 155 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा चुकी है।
पुलिस जांच के अनुसार आशापुर निवासी पवन विश्वकर्मा का अपनी पत्नी से कई वर्षों से वैवाहिक विवाद चल रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पवन को संदेह था कि उसकी पत्नी और बच्चों के उससे अलग रहने के पीछे ससुराल पक्ष की भूमिका है। इसी मानसिक तनाव और आक्रोश के चलते उसने कथित रूप से योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम देने की तैयारी की।
बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन पवन अपने ससुराल भीकमपुर पहुंचा और बड़े साले राजू विश्वकर्मा को उसके पुत्र की शादी के लिए लड़की दिखाने का बहाना बनाकर अपने साथ ले गया। देर शाम वह अकेला वापस लौटा और परिवार को बताया कि राजू वहीं रुक गया है तथा सुबह लौट आएगा। परिजनों ने उस पर भरोसा कर लिया और रात का भोजन करने के बाद सभी सो गए।
पुलिस के अनुसार रात करीब डेढ़ से दो बजे के बीच पवन ने अपने साथ लाए धारदार बांका से सो रहे परिवार पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में प्रदीप, राजकरण, गोरे, राजेश और पुष्पा गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आत्मरक्षा और हमले को रोकने के प्रयास में पवन भी गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के पहुंचने से पहले वह अचेत अवस्था में मिला, जिसे अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डायल-112 पर सूचना मिलते ही औंग थाना पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल, अपर पुलिस अधीक्षक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पहुंचे। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने, तकनीकी जांच तेज करने और प्रत्येक पहलू की वैज्ञानिक तरीके से जांच के निर्देश दिए। घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए गए तथा हत्या के प्रयास, संदिग्ध अपहरण और अन्य संबंधित धाराओं में वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ की गई।
घटना के बाद सबसे बड़ी चुनौती लापता राजू विश्वकर्मा की तलाश बन गई। पुलिस ने सर्विलांस, सीडीआर विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूचना तंत्र को सक्रिय किया। जांच में सामने आया कि पवन अपनी बाइक से आशापुर मोड़ के पास गलत दिशा में जाता दिखाई दिया था। इसके बाद वह छिवली नदी पुल की ओर बढ़ा, जहां आगे कैमरे नहीं लगे थे। इसी कारण पुलिस की जांच अब बकेवर रोड, छिवली नदी और आसपास के संभावित क्षेत्रों पर केंद्रित है। हालांकि अभी तक नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि ठोस तकनीकी साक्ष्य मिलने के बाद आवश्यकता पड़ने पर जल पुलिस एवं गोताखोरों की मदद भी ली जाएगी।
घटना में घायल सभी लोगों को पहले फतेहपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था, जहां से चार घायलों को बेहतर उपचार के लिए कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायल अब खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। बाद में परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय से पहले अस्पताल से हटाया गया, जिसके बाद क्षेत्रीय विधायक राजेंद्र सिंह पटेल ने हस्तक्षेप करते हुए घायलों को पुनः इलाज की व्यवस्था उपलब्ध कराने में सहयोग किया।
घटना के बाद गांव में कई दिनों तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। ग्रामीणों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि राजू विश्वकर्मा का अब तक कोई पता नहीं चल सका। दूसरी ओर पुलिस लगातार यह भरोसा दिला रही है कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और वैज्ञानिक जांच की जा रही है तथा किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
उधर, पवन विश्वकर्मा का शव पोस्टमार्टम के बाद उसके पैतृक गांव पहुंचा, जहां सीमित लोगों की मौजूदगी में उसके पुत्र ने अंतिम संस्कार किया। गांव में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब भी चर्चा का माहौल है।
यह मामला अब केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं रह गया है, बल्कि कानून-व्यवस्था, मानसिक तनाव, पारिवारिक संवाद और सामाजिक हस्तक्षेप जैसे गंभीर मुद्दों को भी सामने ला रहा है। पुलिस का कहना है कि राजू विश्वकर्मा की बरामदगी और तकनीकी जांच के बाद ही कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब सामने आ सकेंगे।
🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा की अपील
पारिवारिक विवादों को कभी भी हिंसा का रूप न लेने दें। मतभेद होने पर कानूनी, सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर समाधान खोजें। यदि किसी व्यक्ति के अचानक लापता होने की सूचना मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें और जांच में सहयोग करें। अफवाहों से बचें तथा केवल पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक तथ्यों पर ही भरोसा करें। प्रशासन से अपेक्षा है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के साथ-साथ लापता व्यक्ति की शीघ्र बरामदगी के लिए हर संभव प्रयास जारी रखे।
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Fatehpur, Fatehpur | Sep 5, 2026