मुरैना नगर: चचेरे भाई के दुष्कर्म से नाबालिग बनी मां,डीएनए रिपोर्ट ने खोला राज,जिला न्यायालय ने सुनाई 10 साल की सश्रम कैद की सजा।
मुरैना जिला न्यायालय ने नाबालिग चचेरी बहन से दुष्कर्म के मामले में पिंटू उर्फ पदम सिंह को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 2 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।पीड़िता ने बच्ची को जन्म देने के बाद घटना बताई।DNA जांच में आरोपी की पुष्टि हुई। सहआरोपी कुलदीप उर्फ पंचू साक्ष्य व DNA न मिलने पर बरी हुआ। अदालत ने वैज्ञानिक साक्ष्यों पर फैसला दिया है।