खरीफ सीजन की दस्तक के साथ जिले में कपास और मिर्ची की बोवनी का दौर शुरू हो चुका है। हर साल इस समय किसानों की सबसे बड़ी चिंता रहती थी कि खाद मिलेगी या नहीं, और मिलेगी तो कितने दाम में। लेकिन इस बार प्रशासन ने ई-टोकन सिस्टम लागू कर पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की कोशिश की है। अब किसान बिना लंबी लाइन और बिना ज्यादा दाम दिए खाद प्राप्त कर पा रहे हैं।