दौरे के दौरान व्यवस्थाएं दुरुस्त दिखाने की कोशिश की गई थी, लेकिन जैसे ही मीडिया ग्राउंड जीरो पर पहुंचा, किसानों की परेशानी खुलकर सामने आ गई। कई किसान दिनों से लाइन में खड़े हैं, न पर्याप्त तुलावटी है और न ही हम्माल की व्यवस्था। मजबूरी में किसान खुद ही अपनी फसल की तुलाई करते दिखाई दिए। सवाल अब यही है कि क्या अधिकारियों ने सिर्फ दौरे के लिए व्यवस्थाएं सुधारी थ