*सुबह 10 बजे तक तहसील में पसरा रहा सन्नाटा, फरियादी भटकते रहे, जिम्मेदार अधिकारी रहे नदारद*
*सीएम के जनसुनवाई निर्देशों पर उठे सवाल, भीषण गर्मी में इंतजार करते रहे ग्रामीण*
*अमृतपुर, फर्रुखाबाद*
प्रदेश सरकार द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को प्रतिदिन जनसुनवाई करने और समय से कार्यालयों में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन तहसील अमृतपुर में सोमवार को व्यवस्था की तस्वीर कुछ और ही नजर आई। सुबह लगभग 10:01 बजे तक तहसील परिसर के कई महत्वपूर्ण कार्यालय बंद मिले, जबकि दूर-दराज के गांवों से आए फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकते रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार राजस्व निरीक्षक कार्यालय तहसीलदार न्यायालय, संग्रह अमीन कार्यालय, नायब तहसीलदार न्यायालय,य तथा रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय के दरवाजों पर ताले लटके मिले। कई राजस्व निरीक्षकों एवं लेखपालों के कक्ष भी खाली पड़े थे। कार्यालयों के बाहर खड़े फरियादी अधिकारियों और कर्मचारियों के आने का इंतजार करते दिखाई दिए।
ग्रामीणों का कहना था कि वे सुबह से ही राजस्व संबंधी कार्यों, प्रमाण पत्र, खतौनी, पैमाइश और अन्य जरूरी कामों के लिए तहसील पहुंचे थे, लेकिन कार्यालय बंद मिलने से उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच बुजुर्ग, महिलाएं और किसान घंटों तक इधर-उधर भटकते रहे।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अधिकारियों को निर्धारित समय पर जनसुनवाई करने तथा जनता की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में तहसील मुख्यालय पर अधिकारियों की अनुपस्थिति और कार्यालयों पर लटके ताले शासन की मंशा पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तहसील स्तर पर ही अधिकारी समय से उपलब्ध नहीं होंगे तो आम जनता को प्रशासनिक सेवाएं और न्याय समय पर कैसे मिल सकेगा। लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
अब तहसील प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर आम जनता की निगाहें टिकी हुई हैं। यदि लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई होती है तो यह शासन की मंशा के अनुरूप जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।
Amritpur, Farrukhabad | Jun 23, 2026