विश्वविद्यालय बदलने से हज़ारों छात्र होंगे प्रभावित,छात्रों के आंदोलन को हल्के में ना लें सरकार-संजय
जेजे कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना,तालाबंदी जारी
मुख्य गेट पर तालाबंदी से शैक्षणिक-प्रशासनिक कार्य ठप
झुमरीतिलैया
छात्रों के आंदोलन को हल्के में नही ले हेमंत सरकार, छात्र आंदोलन ने दिल्ली के अहंकारी सरकार को भी झुकाया है।उक्त बातें पूर्व छात्र नेता संजय पासवान ने जेजे कॉलेज में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना के समर्थन में छात्रों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जेजे कॉलेज समेत जिलेभर के डिग्री कॉलेज को गिरिडीह से जोड़ना छात्र विरोधी और अव्यवहारिक निर्णय है। सरकार को अविलम्ब निर्णय वापस लेनी चाहिए। वहीं उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन को मजबूत बनाने में राजनीतिक भावना से ऊपर उठकर कोडरमा के स्वाभिमान की रक्षा के लिए हर नागरिकों को आगे आने की जरूरत है। धरना को किसान मजदूर नेता असीम सरकार ने भी संबोधित किया और छात्रों के संघर्ष को धारदार बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा छात्रों को आंदोलन से जोड़ने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि सरकार का विश्वविद्यालय बदलने की नीति बिना भौतिक निरीक्षण के लिया गया निर्णय है।उन्होंने कहा कि कोडरमा से गिरिडीह जाना छात्रों के लिए मुसीबत बन जाएगी।साथ ही छात्रों को ज्यादा पैसा भी खर्च करना पड़ेगा। इसका असर सबसे ज्यादा गरीब छात्रों पर पड़ेगा। धरना को जे जे कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति के राम रतन अवध्या,सईद नसीम,प्रकाश रजक,तौफीक हुसैन,विजय यादव, रवि पासवान समेत छात्र-छात्राओं ने संबोधित करते हुए कोडरमा के छात्र धरना दे रहें है, तालाबंदी कर रहें है,सरकार और जनप्रतिनिधियों का दायित्व बनता है कि छात्रों के सवाल और कोडरमा के स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ के खिलाफ राजनीति को दरकिनार कर जेजे कॉलेज बचाने की पहल करें। समिति के अध्यक्ष महेश भारती एवं सचिव देवेंन्द्र कुमार ने बताया कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चल रहा है। तालाबंदी से शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्य पूर्ण रूप से ठप रहा। उन्होंने कहा कि तीन दिनों के अनिश्चितकालीन धरना के बाद प्रशासन व सरकार से कोई संवाद स्थापित नही हुई है।आंदोलन को फिलहाल 15 अगस्त तक के लिए शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। वहीं दूसरे चरण में उग्र आंदोलन के तहत भूख हड़ताल और सड़क जाम जैसे कार्यक्रम होंगे। मौके परसृष्टि कुमारी, कल्याणी कुमारी, काजल कुमारी, साक्षी कुमारी, ऋषिका राज, राधिका कुमारी, रुपाली कुमारी, मंजू कुमारी, ममता कुमारी, राखी कुमारी, संजना कुमारी, सपना कुमारी, ममता कुमारी, गज़ल परवीन, ललिता कुमारी, किरण कुमारी, आशु कुमारी, सोनी कुमारी रजक, बजरंगी देवी, शिवा, अरमान भारती और सोनू कुमार समेत दर्जनों छात्र मौजूद थे।