
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे पाटिल ने 20 दिन से जारी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को अपनी मांगों पर विचार करने के लिए तीन महीने की मोहलत दी है। जरांगे ने बीड जिले के पटोदा में देर रात समर्थकों की सभा को संबोधित करते हुए अपनी खराब होती सेहत का भी जिक्र किया। जरांगे ने कहा कि लगातार भूख हड़ताल के कारण उनकी शारीरिक स्थिति इतनी कमजोर हो गई है कि हजारों लोगों के साथ लंबी यात्रा करना उनके लिए मुश्किल है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे उनके काफिले के साथ आगे न बढ़ें और खोपोली में मिलने के लिए पहुंचें।
जरांगे ने किया दावा
आंदोलनकारी नेता ने मराठा आरक्षण से जुड़े पुराने दस्तावेजों का भी मुद्दा उठाया। उनका दावा है कि करीब 58 लाख पुराने रिकॉर्ड सामने आए हैं, जिनके आधार पर बड़ी संख्या में मराठा परिवारों को आरक्षण का लाभ मिल सकता है। उनकी मांग है कि इन दस्तावेजों को मान्यता देते हुए महाराष्ट्र सरकार आधिकारिक गजट जारी करे। जरांगे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी कई आरोप लगाए और कहा कि उन्होंने सरकार के सामने अपनी मांगों को मजबूती से रखा है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन से जुड़े दस्तावेजों को सुरक्षित रखा गया है। हालांकि, उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Vasai, Palghar | Sep 17, 2026