
पुलिस प्रेस नोट 19 जुलाई 2026
शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 19.75 लाख रुपये की साइबर ठगी का खुलासा, साइबर थाना NIT की बड़ी कार्रवाई
झांसी से खाताधारक गिरफ्तार, खाते में आए थे ठगी के 9 लाख रुपये
आरोपित के बैंक खाते से देशभर में 40 साइबर ठगी की शिकायतें जुड़ीं, ढाई करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध राशि का हुआ लेन-देन
फरीदाबाद। फरीदाबाद पुलिस की साइबर थाना NIT टीम ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 19,75,000 रुपये की साइबर ठगी के मामले का सफल खुलासा करते हुए झांसी (उत्तर प्रदेश) निवासी खाताधारक विकास (50) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपित को 18 जुलाई को झांसी से काबू कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपित साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में दूसरी लेयर (Second Layer Account Holder) का खाताधारक था। ठगी की गई राशि में से लगभग 9 लाख रुपये उसके बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि वह एम.एड. पास है तथा झांसी में एक कंप्यूटर सेंटर संचालित करता है।
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि आरोपित का बैंक खाता केवल फरीदाबाद की इस घटना तक सीमित नहीं है। उसके खाते के संबंध में तेलंगाना, केरल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब तथा गुरुग्राम सहित विभिन्न राज्यों में 40 अन्य साइबर शिकायतें दर्ज हैं। जिनमें उसके बैंक खाते में ढाई करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की राशि विभिन्न साइबर अपराधों के माध्यम से जमा हुई है।
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि सेक्टर-39 निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना NIT में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि जनवरी 2026 में उसके व्हाट्सएप पर शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर 600 प्रतिशत तक मुनाफा कमाने का दावा करने वाला एक संदेश प्राप्त हुआ। संदेश भेजने वाले लोगों ने स्वयं को "5paisa" कंपनी से संबंधित बताते हुए विश्वास में लिया।
इसके बाद शिकायतकर्ता को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां प्रतिदिन शेयर मार्केट से संबंधित टिप्स, निवेश संबंधी सलाह और अधिक मुनाफे के दावे किए जाते थे। कुछ समय बाद ठगों ने शिकायतकर्ता को एक लिंक भेजकर "5paisa" नाम से एक एप्लीकेशन डाउनलोड करवाई। एप पर निवेश और बढ़ते हुए मुनाफे का फर्जी विवरण दिखाया जाता रहा, जिससे शिकायतकर्ता का विश्वास और बढ़ गया।
ठगों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने अलग-अलग बैंक ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल 19,75,000 रुपये निवेश कर दिए। जब उसने अपनी निवेश राशि और कथित मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो ठगों ने विभिन्न बहाने बनाकर भुगतान टाल दिया। बाद में संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया गया, तब शिकायतकर्ता को अपने साथ साइबर ठगी होने का एहसास हुआ। शिकायत मिलने पर साइबर थाना NIT में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
साइबर थाना NIT की टीम ने बैंक खातों, ट्रांजैक्शन डिटेल, डिजिटल साक्ष्यों तथा अन्य तकनीकी विश्लेषण के आधार पर धनराशि के प्रवाह (Money Trail) का पता लगाया। जांच के दौरान ठगी की राशि का एक हिस्सा झांसी निवासी विकास के बैंक खाते में पहुंचना सामने आया। इसके बाद पुलिस टीम ने झांसी पहुंचकर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रवक्ता, फरीदाबाद पुलिस