
आरपीएससी पेपरलीक।
फर्जी डिग्री मामले में बड़ी कार्रवाई, एसओजी ने सहयोगी अभियुक्त अशोक बिश्नोई को किया गिरफ्तार।
जोधपुर।-राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित प्राध्यापक-हिन्दी, स्कूल शिक्षा प्रतियोगी परीक्षा, 2022 से जुड़े फर्जी डिग्री मामले में पुलिस स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को एक और बड़ी सफलता मिली है। एसओजी ने इस मामले में फर्जी डिग्री जारी करवाने में मुख्य रूप से सहयोग करने वाले अभियुक्त अशोक बिश्नोई उर्फ अशोक चोटिया को गिरफ्तार कर लिया है।
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि अभ्यर्थियों द्वारा सरकारी नौकरी पाने के लिए फर्जी डिग्रियों का सहारा लिया जा रहा था, जिसका एसओजी ने गहनता से पर्दाफाश किया है।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा।
मेवाड़ यूनिवर्सिटी की निकली फर्जी डिग्री
प्रेस नोट के अनुसार, राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित स्कूल व्याख्याता (हिन्दी) परीक्षा-2022 के दौरान अभ्यर्थियों की पात्रता की जांच की जा रही थी। इस जांच के दौरान एक अभ्यर्थी 'ब्रह्मा कुमारी'(पुत्री बाबू लाल बिश्नोई ने आयोग के सामने मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार, चित्तौड़गढ़ से जारी एम.ए. हिन्दी की डिग्री और मार्कशीट प्रस्तुत की थी।
जब राजस्थान लोक सेवा आयोग ने अजमेर द्वारा इस डिग्री का सत्यापन करवाया, तो मेवाड़ विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि यह डिग्री उनके यहां से जारी ही नहीं की गई है। अभ्यर्थी ने फर्जी शपथ पत्र प्रस्तुत कर गलत तरीके से नियुक्ति प्राप्त करने का आपराधिक कृत्य किया, जिसके बाद 20 मार्च 2024 को सिविल लाइंस थाना, अजमेर में मामला (प्रकरण संख्या 100/2024) दर्ज कर जांच शुरू की गई।
ऐसे तैयार हुआ था फर्जीवाड़े का जाल, डीन कौशल चन्दुल भी शक के दायरे में।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब एसओजी ने अनुसंधान शुरू किया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि गिरफ्तार अभियुक्त अशोक बिश्नोई उर्फ अशोक चोटिया ने 'महेन्द्र सिंह राव' नाम के व्यक्ति के माध्यम से 'डॉ. सुरेश कुमार' से संपर्क साधा था। इसके बाद डॉ. सुरेश कुमार की बहन ब्रह्मा कुमारी को मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार, चित्तौड़गढ़ से एम.ए. हिन्दी की फर्जी मार्कशीट और डिग्री दिलवाई गई थी।
इतना ही नहीं, अनुसंधान में यह भी प्रमाणित पाया गया है कि अभियुक्त अशोक बिश्नोई ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी के डीन 'कौशल चन्दुल' से साठगांठ कर यह फर्जी डिग्री उपलब्ध करवाई थी। पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य कड़ियों की तलाश कर रही है।
अभियुक्त पुलिस रिमांड पर, अब तक 15 आरोपी गिरफ्तार।
एसओजी टीम ने कार्रवाई करते हुए अभियुक्त अशोक बिश्नोई को दस्तयाब किया और 13 जुलाई 2026 को उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कोर्ट में पेश कर आरोपी को 17 जुलाई 2026 तक पुलिस कस्टडी में लिया गया है, जिससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
इस पूरे गिरोह पर कार्रवाई करते हुए पुलिस अब तक फर्जी डिग्री प्राप्त करने वाली मुख्य अभ्यर्थी ब्रह्मा कुमारी सहित कुल 15 अभियुक्तों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। पूछताछ में कई और बड़े नामों और फर्जी डिग्रियों का खुलासा होने की उम्मीद है।
पहले भी दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
पकड़ा गया आरोपी अशोक बिश्नोई कोई नौसिखिया नहीं है, बल्कि वह आदतन इस तरह के अपराधों में लिप्त रहा है। एसओजी के अनुसार, अभियुक्त के विरुद्ध फर्जी डिग्री दिलवाने और इस नेटवर्क में सहयोग करने के संबंध में एक अन्य मामला (प्रकरण संख्या 101/2024) भी थाना सिविल लाइंस, अजमेर में दर्ज है, जिसमें उसकी गिरफ्तारी शेष थी। इसके अलावा, अभियुक्त एक अन्य मामले (प्रकरण संख्या 245/2026) में पुलिस थाना कुड़ी भगतासनी, जिला जोधपुर में भी पूर्व में गिरफ्तार हो चुका है।
इन अधिकारियों के नेतृत्व में हुई कार्रवाई।
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (SOG) विशाल बंसल और महानिरीक्षक पुलिस (SOG) अजयपाल लाम्बा के कुशल निर्देशन में अंजाम दिया गया। इसके साथ ही, उप महानिरीक्षक पुलिस (SOG) भुवन भूषण यादव के सुपरविजन तथा पुलिस अधीक्षक (SOG) कुन्दन कंवरिया के नेतृत्व में जांच अधिकारी श्याम सुन्दर बिश्नोई (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसओजी यूनिट, अजमेर) द्वारा वांछित अभियुक्तों की निरंतर तलाश के दौरान टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए अशोक बिश्नोई को धर दबोचा।
अभियुक्त की प्रोफाइल:
नाम: अशोक बिश्नोई उर्फ अशोक चोटिया
पिता का नाम: बाबूलाल
उम्र: 32 वर्ष
जाति: बिश्नोई
निवासी: चोटियों की ढाणी, धवा, पुलिस थाना झंवर, जिला जोधपुर।
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