
गीता निकेतन आवासीय विद्यालय में सीबीएसई हिंदी कार्यशाला का सफल आयोजन
गीता निकेतन आवासीय विद्यालय में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के तत्वावधान में हिंदी विषय की दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
कार्यशाला के संसाधन व्यक्तियों के रूप में श्री चन्द्र प्रकाश(हिंदी विभााध्यक्ष पुलिस डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, अंबाला तथा *श्रीमती मंजूषा दुग्गल ( हिंदी व इतिहास विषय की विद्यालय प्रवक्ता तथा मीडिया समन्वयक एम. एन. एम. पब्लिक स्कूल करनाल) उपस्थित रहे। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति तथा सीबीएसई की नवीन शिक्षण पद्धतियों के अनुरूप प्रभावी भाषा शिक्षण पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस कार्यशाला के दौरान ब्लूम टैक्सोनॉमी के विभिन्न आयामों को याद करना, समझना, अनुप्रयोग करना, विश्लेषण , मूल्यांकन, सृजन करने पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यशाला के पहले सत्र में श्री चन्द्र प्रकाश ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी मातृभाषा में सोचता है, इसलिए भाषा शिक्षण का उद्देश्य केवल विषय-वस्तु का ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में स्वतंत्र चिंतन, सृजनात्मकता, संवेदनशीलता एवं अभिव्यक्ति कौशल का विकास करना भी है। उन्होंने बताया कि शिक्षक विद्यार्थियों को ज्ञान का उपभोक्ता नहीं, बल्कि ज्ञान-सर्जक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके लिए शिक्षक को अपनी शिक्षण योजनाओं में विद्यार्थियों की रुचि, क्षमता एवं आवश्यकताओं के अनुरूप लचीलापन अपनाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन के लिए ‘प्रशंसा चक्र’ जैसी गतिविधियों को अपनाने तथा उनकी उपलब्धियों की खुले मन से सराहना करने पर बल दिया।
कार्यशाला के दूसरे सत्र में श्रीमती मंजूषा दुग्गल ने भाषा के चारों कौशल—श्रवण, वाचन, पठन एवं लेखन—को प्रभावी भाषा अधिगम का आधार बताते हुए इनके संतुलित विकास पर विशेष जोर दिया।उन्होंने बताया कि एक नए कौशल चिंतन कौशल को भी इस क्रम में शामिल किया गया है ।
कार्यशाला के अंत में विद्यालय के प्राचार्य श्री नारायण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सीबीएसई द्वारा आयोजित इस प्रकार की क्षमता संवर्धन कार्यशालाएँ शिक्षकों के ज्ञान को अद्यतन करने के साथ-साथ उन्हें नई शिक्षा नीति के अनुरूप हो रहे शैक्षिक परिवर्तनों से भी परिचित कराती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षण की गुणवत्ता को नई दिशा प्रदान करते हैं तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होते हैं।
इस ज्ञानवर्धक कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों से आए 60 शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने अनुभव साझा किए । कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के हिंदी आचार्य श्री अच्छरू कुमार जी ने किया ।