यह बुरा दौर है! भारतीय संस्कृति के लिए भी और इंसानियत के लिए भी। क़ुदरत /प्रकृति के ख़िलाफ़ जो चीज़ें है उसे “नॉर्मलाइज़” किया जा रहा है।
ख़बर है की अब भारत के तमाम स्कूलों में बच्चों को Sex Education दिया जाएगा। यानी सभ्य समाज में जो बातें बंद कमरे में अकेले में समझाई जाती थी उसको अब खुलेआम किया जाएगा। खास बात तो यह है की अमेरिका और वेस्ट के इशारे पर “जेंडर इक्वेलिटी” के नाम पर गे/लेसबियन होने की बात को “नार्मल” बताया जाएगा!
यानी हर बुरी चीज़ को अब नॉर्मलाइज़ किया जा रहा है, फ़िल्मों में हिंसा दिखाकर, सेक्स एज्यूकेशन के नाम पर, धर्म के नाम पर और सुरक्षा के नाम पर!
✍️ सहल क़ुरैशी (पत्रकार, Desh Live)