
नंदनवारा के तालाब पर अवैध उत्खनन को लेकर इसके पुरातन इतिहास पर
सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है चतुर्वेदी जी कोई वास्तव क्या ये सत्य तो इसका सरंक्षण जरूरी है
जिसकी जल्द ग्राउंड रिपोर्ट बनाऊंगाये
ये लेख है
मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में झांसी से 70 किमी दूर जिला टीकमगढ़ में स्थित केशरी गंज नंदनवारा का यह सुमेरु पर्वत ( हैम शैलाभ ) है। इसी पर्वत पर ही कपिराज केशरी और अंजनी माता का निवास था। यहीं पर दो पर्वतों को मिलाकर जिले का सबसे बड़ा और प्राचीन तालाब है। जिसे श्री गणेश बधान कहते हैं। यहीं पर प्राचीन गणेश जी का मंदिर है और साथ में सिद्धि बुद्धि भी हैं।
दुर्भाग्य से विगत 46 वर्षों से लगातार इस सुमेरु पर्वत को अवैध तरीके से नष्ट कराया जा रहा है। यह पर्वत और बांध केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अंतर्गत वित्त पोषित भी है। देश के किसी भी साधु संत या मठाधीश को यह जानकारी नहीं है कि जिस सुमेरु पर्वत पर हनुमान जी के माता पिता अंजनी और केशरी रहते थे । वह कहां है और किस हालत में है। जिसका वर्णन गीता प्रेस गोरखपुर में उल्लेखित है।
देश में इन दिनों धार्मिक आयोजनों की बाढ़ आ रही है, अनेक कथा वाचक हनुमत कथा के नाम पर केवल मनोरंजन कर रहे हैं। इन कथा वाचकों से निवेदन है कि अपनी कथाओं में पर्वतों की रक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण पर प्रत्येक कथा में 10 मिनट अवश्य बोले जिससे देश के पर्वत बच सके और आसुरी शक्तियां भयभीत होने लगे।
विगत दिनों 13.01.2026 को माननीय प्रधानमंत्री महोदय को केसरीगंज नंदनवारा के सुमेरु पर्वत के उत्खनन के संबंध में एक पत्र लिखा था तत्संबंध में जांच भी आई लेकिन टीकमगढ़ जिला प्रशासन द्वारा झूठी रिपोर्ट लगा दी गई है जबकि सुमेरु पर्वत का उत्खनन लगातार जारी है ।
जो सनातन के स्थानों को नष्ट किया जा रहा है और भारतीय संस्कृति का अपमान है ।
चार दिन पूर्व माननीय प्रधानमंत्री कार्यालय का फोन आया था और मुझे बताया गया था कि जिला प्रशासन टीकमगढ़ द्वारा बताया गया कि नंदनवारा के पर्वत पर कोई उत्खनन नहीं हो रहा है तब मैने बताया कि उत्खनन लगातार जारी है और बांध फूटने की स्थिति में आ गया है।
अतः क्षेत्र के धर्मप्रेमी नागरिकों से निवेदन है कि एक बार नंदनवारा का पर्वत का अवलोकन कर पर्वत की रक्षा हेतु प्रयत्न करे। नंदनवारा में वर्तमान में हनुमान जी के 11 प्राचीन मंदिर है ।
Niwari, Niwari | Jun 30, 2026