गोंडा में एक पिता अपनी 7 साल की बेटी को फौलाद बनाने में लगा है, जिस उम्र में बच्चे खेलना पसंद करते हैं, उस उम्र में एक पिता अपनी परवरिश से अपनी बेटी को फौलाद की तरह मज़बूत करने में दिन रात एक किए है, 3 साल बीत गए पूरे परिवार की लाइफस्टाइल बदल गई। एक बेटी का अपने पिता के सपनों को साकार करने का ये समर्पण वाकई में अद्वितीय है, साल 2025 में जिस बेटी ने 45 मिनट में 10 किलोमीटर की दौड़ लगाकर गोंडावालों को सरप्राइज किया था, साल भर के भीतर आज उसी बेटी ने अपनी दौड़ चाल 3 गुना बढ़ा दी है और इटियाथोक के सदाशिव बाजार से अपने छोटे छोटे कदमो से 30 किलोमीटर की दौड़ लगाते हुए साढ़े 8 से पौने 9 बजे के बीच गोंडा के गाँधी पार्क पहुंचने वाली है। गाँधी जयंती के दिन शुरू हुई ये पहल गोंडा को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर ले जाने की महज एक शुरुवात भर है, क्योंकि देश के लिए मेडल ऐसे ही नहीं मिलता।
Gonda, Gonda | Oct 2, 2026