
100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के तहत बड़ौना कला में निक्षय शिविर, 46 संभावित मरीजों की जांच
टीबी उन्मूलन अभियान के तहत गांवों में पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीम
टीबी के लक्षणों को न करें नजरअंदाज, समय पर जांच कराएं: डॉ. संजीव गोयल
पंचकूला 14 जुलाई : टीबी की बीमारी को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य विभाग, पंचकूला की ओर से 100 दिवसीय अभियान का दूसरा चरण 24 मार्च 2026 से चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को आरोग्य मंदिर समलेहड़ी के अंतर्गत आने वाले गांव बड़ौना कला में निक्षय शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर के दौरान 74 वल्नरेबल (संवेदनशील) व्यक्तियों की पहचान की गई। इनमें से 46 लोगों के बलगम के नमूने जांच के लिए लिए गए तथा सभी 46 संभावित मरीजों के एक्स-रे भी किए गए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायपुर रानी के एसएमओ डॉ. संजीव गोयल ने बताया कि टीबी उन्मूलन के लिए निक्षय शिविर अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत ऐसे वंचित एवं संभावित मरीजों की गांव-गांव जाकर स्क्रीनिंग की जा रही है, जो किसी कारणवश सरकारी अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाते।
उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, बुखार, सीने में दर्द, बलगम में खून आना या लगातार वजन कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह टीबी के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत जांच करवानी चाहिए। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर मरीज का उपचार तुरंत शुरू कर दिया जाता है।
डॉ. गोयल ने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच और इलाज की सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध है। इसके अलावा, उपचार के दौरान मरीजों को पोषण सहायता के लिए सरकार की ओर से छह माह तक प्रति माह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है।
इस अवसर पर टीबी सुपरवाइजर शमीम, एमपीएचडब्ल्यू राशीद, आशा वर्कर तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।