
बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राज्य के **13 जिलों में करीब 28 लाख लोग प्रभावित** बताए गए हैं। गंगा, गंडक, सोन और कोसी समेत कई नदियां उफान पर हैं। पटना, भोजपुर, सारण, बेगूसराय, वैशाली, बक्सर, भागलपुर समेत कई जिलों के निचले इलाकों में घर, सड़क और खेत पानी में डूब गए हैं।
बाढ़ के कारण **200 से अधिक सड़कों पर आवागमन प्रभावित** हुआ है। कई इलाकों में लोगों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं हजारों एकड़ फसल पानी में डूबने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
**बेगूसराय में भी गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर** देखने को मिल रहा है। मटिहानी, साहेबपुर कमाल, बखरी और बलिया की 20 पंचायतों की करीब दो लाख आबादी प्रभावित बताई गई है। प्रशासन की ओर से 87 नावें चलाई जा रही हैं। जलभराव और आवागमन की परेशानी के कारण **60 से अधिक स्कूलों में पढ़ाई बंद** है।
पटना के कई इलाकों में भी बाढ़ का पानी फैल गया है। राहत के लिए **693 नावें** चलाई जा रही हैं और सामुदायिक रसोई शुरू की गई है। भोजपुर में 60 से अधिक स्कूल बंद हैं और 25 सड़कें पानी में डूबी हैं।
वहीं, **28 लाख प्रभावित आबादी का आंकड़ा विभिन्न स्रोतों पर आधारित है**, जबकि आपदा प्रबंधन विभाग ने करीब 8 लाख आबादी को आधिकारिक रूप से बाढ़ प्रभावित माना है।