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चम्बा में SIU का बड़ा एक्शन: पंजाब के 2 तस्कर 14 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार न्यूज टुडे हिमाचल ब्यूरो | चम्बा हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चम्बा पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (SIU) ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पठानकोट-चम्बा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंढीयार नाला के समीप पंजाब के दो युवकों को 14 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब 6:30 बजे SIU टीम गंढीयार नाला के पास नियमित गश्त और नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान दो युवक पैदल वहां पहुंचे। पुलिस को देखकर दोनों घबरा गए और बचने की कोशिश करने लगे। उनकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने तत्काल दोनों को रोककर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों युवक संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके बैग से एक प्लास्टिक की पुड़िया बरामद हुई, जिसमें 14 ग्राम हेरोइन छिपाकर रखी गई थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर और गुरदासपुर (पंजाब) के रहने वाले युवकों के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद हेरोइन कहां से लाई गई थी और इसे हिमाचल में किसे सप्लाई किया जाना था। साथ ही इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। चम्बा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

Shimla Urban, Shimla | Jul 27, 2026

MORE NEWS

कश्मीर में कुछ बागवानों द्वारा कच्चा गाला सेब समय से पहले तोड़कर ऊंचे दामों के लालच में मंडियों में भेजने का असर अब पूरे देश के गाला बाजार पर दिखाई दे रहा है। जब बड़ी मात्रा में कच्चा फल बाजार में पहुंचता है, तो उसका सीधा प्रभाव तैयार और उच्च गुणवत्ता वाले गाला सेब के दामों पर पड़ता है।

इस समय हिमाचल का गाला पूरी तरह तैयार है। इसमें बेहतर रंग, अधिक मिठास, अच्छा स्वाद और लंबी शेल्फ लाइफ होती है। इसके विपरीत, कच्चा गाला स्वाद में कमजोर होता है और कुछ दिनों बाद जल्दी सिकुड़ने (श्रिंक) लगता है। इसका नुकसान केवल बागवानों को ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं का भरोसा भी कम करता है।

आज स्थिति यह है कि हिमाचल का तैयार गाला और कश्मीर का कच्चा गाला एक ही समय बाजार में आने से दोनों राज्यों के बागवानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे मामलों में केवल अधिक दाम पाने की जल्दबाजी के बजाय पूरे सेब उद्योग और बाजार की साख का भी ध्यान रखना चाहिए।
अब बात हिमाचल के सोशल मीडिया पर सेब उद्योग के बड़े-बड़े ज्ञान देने वाले "गुरुजियों" की। आज हिमाचल के तैयार गाला के रेट डाउन के लिए भी सोशल मीडिया आवाज उठाइए।  क्या आपकी जिम्मेदारी सिर्फ नर्सरी बेचना रह गई है?
जब पुलवामा हमला हुआ था, तब सोशल मीडिया पर हिमाचल  के गुरुओं रोज पोस्ट डाल कर  बड़ी-बड़ी बातें की जाती थीं कि कश्मीर को कोई पौधे और कलमें ने बेचे ,लेकिन आज वही लोग पैसों के लिए वहीं डेरा   डाल कर कारोबार कर रहे हैं। व्यापार करना गलत नहीं है, लेकिन अपने ही प्रदेश के बागवानों के हितों पर भी उतनी ही मजबूती से बोलना चाहिए। हिमाचली होने का फर्ज निभाइए। अगर समय से पहले कच्चा फल बाजार में आएगा, तो नुकसान किसी एक राज्य का नहीं, बल्कि पूरे भारतीय सेब उद्योग और सभी बागवानों का होगा। मुद्दा किसी क्षेत्र का नहीं, बल्कि गुणवत्ता, ईमानदारी और बागवानों के भविष्य का है।
सोशल मीडिया पर हिमाचल के सेब उद्योग के बड़े-बड़े जानकारों और स्वयंभू "गुरुओं" को भी इस मुद्दे पर खुलकर बोलना चाहिए। यदि समय से पहले फल तोड़ने जैसी प्रवृत्तियों पर कोई आवाज नहीं उठेगी, तो नुकसान अंततः सभी बागवानों का होगा।
यह किसी एक राज्य के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे भारतीय सेब उद्योग की गुणवत्ता, प्रतिष्ठा और बागवानों के हित की बात है। अच्छी गुणवत्ता वाला, पूरी तरह पका हुआ सेब ही उपभोक्ताओं तक पहुंचे—यही हम सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए।

कश्मीर में कुछ बागवानों द्वारा कच्चा गाला सेब समय से पहले तोड़कर ऊंचे दामों के लालच में मंडियों में भेजने का असर अब पूरे देश के गाला बाजार पर दिखाई दे रहा है। जब बड़ी मात्रा में कच्चा फल बाजार में पहुंचता है, तो उसका सीधा प्रभाव तैयार और उच्च गुणवत्ता वाले गाला सेब के दामों पर पड़ता है। इस समय हिमाचल का गाला पूरी तरह तैयार है। इसमें बेहतर रंग, अधिक मिठास, अच्छा स्वाद और लंबी शेल्फ लाइफ होती है। इसके विपरीत, कच्चा गाला स्वाद में कमजोर होता है और कुछ दिनों बाद जल्दी सिकुड़ने (श्रिंक) लगता है। इसका नुकसान केवल बागवानों को ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं का भरोसा भी कम करता है। आज स्थिति यह है कि हिमाचल का तैयार गाला और कश्मीर का कच्चा गाला एक ही समय बाजार में आने से दोनों राज्यों के बागवानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे मामलों में केवल अधिक दाम पाने की जल्दबाजी के बजाय पूरे सेब उद्योग और बाजार की साख का भी ध्यान रखना चाहिए। अब बात हिमाचल के सोशल मीडिया पर सेब उद्योग के बड़े-बड़े ज्ञान देने वाले "गुरुजियों" की। आज हिमाचल के तैयार गाला के रेट डाउन के लिए भी सोशल मीडिया आवाज उठाइए। क्या आपकी जिम्मेदारी सिर्फ नर्सरी बेचना रह गई है? जब पुलवामा हमला हुआ था, तब सोशल मीडिया पर हिमाचल के गुरुओं रोज पोस्ट डाल कर बड़ी-बड़ी बातें की जाती थीं कि कश्मीर को कोई पौधे और कलमें ने बेचे ,लेकिन आज वही लोग पैसों के लिए वहीं डेरा डाल कर कारोबार कर रहे हैं। व्यापार करना गलत नहीं है, लेकिन अपने ही प्रदेश के बागवानों के हितों पर भी उतनी ही मजबूती से बोलना चाहिए। हिमाचली होने का फर्ज निभाइए। अगर समय से पहले कच्चा फल बाजार में आएगा, तो नुकसान किसी एक राज्य का नहीं, बल्कि पूरे भारतीय सेब उद्योग और सभी बागवानों का होगा। मुद्दा किसी क्षेत्र का नहीं, बल्कि गुणवत्ता, ईमानदारी और बागवानों के भविष्य का है। सोशल मीडिया पर हिमाचल के सेब उद्योग के बड़े-बड़े जानकारों और स्वयंभू "गुरुओं" को भी इस मुद्दे पर खुलकर बोलना चाहिए। यदि समय से पहले फल तोड़ने जैसी प्रवृत्तियों पर कोई आवाज नहीं उठेगी, तो नुकसान अंततः सभी बागवानों का होगा। यह किसी एक राज्य के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे भारतीय सेब उद्योग की गुणवत्ता, प्रतिष्ठा और बागवानों के हित की बात है। अच्छी गुणवत्ता वाला, पूरी तरह पका हुआ सेब ही उपभोक्ताओं तक पहुंचे—यही हम सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए।

Shimla Urban, Shimla | Aug 2, 2026

यह रही News Today Himachal के लिए पेशेवर और आकर्षक समाचार:

🌱 झीना स्कूलों में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत 50 देवदार के पौधे रोपे, छात्रों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

चौपाल, 1 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत राजकीय उच्च विद्यालय झीना और राजकीय प्राथमिक पाठशाला झीना में संयुक्त रूप से भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्कूल परिसर में 50 देवदार के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में स्कूल स्टाफ, विद्यार्थियों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, वन विभाग, युवक मंडल, एसएमसी सदस्यों तथा अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। स्थानीय पंचायत के उपप्रधान सुनील मेहता, वार्ड सदस्य नीलम मेहता, वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड आशीष एवं उनकी टीम और युवक मंडल से नितिन मेहता विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण तब आया जब सभी छात्र-छात्राओं ने अपनी मां के नाम पर लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण की शपथ ली। बच्चों ने संकल्प लिया कि वे पौधों की नियमित सिंचाई करेंगे और उन्हें बड़ा होने तक सुरक्षित रखेंगे।

इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को पौधों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के महत्व के बारे में जानकारी दी। साथ ही बच्चों के लिए पर्यावरण एवं सामान्य ज्ञान आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का संचालन राजकीय उच्च विद्यालय के मुख्य अध्यापक नरेंद्र कुमार एवं राजकीय प्राथमिक पाठशाला के हेड टीचर सुरेश मेहता के नेतृत्व में हुआ। शिक्षकों करतार सिंह, नरेंद्र सिंह, अरुण कुमार, प्रवीण कुमार और अनीता सहित सभी स्टाफ सदस्यों ने पौधरोपण कर विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य अध्यापक नरेंद्र कुमार और हेड टीचर सुरेश मेहता ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए रोपे गए पौधों की सुरक्षा एवं देखभाल का संकल्प दोहराया।

News Today Himachal Bureau | Chaupal

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यह रही News Today Himachal के लिए पेशेवर और आकर्षक समाचार: 🌱 झीना स्कूलों में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत 50 देवदार के पौधे रोपे, छात्रों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प चौपाल, 1 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत राजकीय उच्च विद्यालय झीना और राजकीय प्राथमिक पाठशाला झीना में संयुक्त रूप से भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्कूल परिसर में 50 देवदार के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में स्कूल स्टाफ, विद्यार्थियों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, वन विभाग, युवक मंडल, एसएमसी सदस्यों तथा अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। स्थानीय पंचायत के उपप्रधान सुनील मेहता, वार्ड सदस्य नीलम मेहता, वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड आशीष एवं उनकी टीम और युवक मंडल से नितिन मेहता विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण तब आया जब सभी छात्र-छात्राओं ने अपनी मां के नाम पर लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण की शपथ ली। बच्चों ने संकल्प लिया कि वे पौधों की नियमित सिंचाई करेंगे और उन्हें बड़ा होने तक सुरक्षित रखेंगे। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को पौधों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के महत्व के बारे में जानकारी दी। साथ ही बच्चों के लिए पर्यावरण एवं सामान्य ज्ञान आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन राजकीय उच्च विद्यालय के मुख्य अध्यापक नरेंद्र कुमार एवं राजकीय प्राथमिक पाठशाला के हेड टीचर सुरेश मेहता के नेतृत्व में हुआ। शिक्षकों करतार सिंह, नरेंद्र सिंह, अरुण कुमार, प्रवीण कुमार और अनीता सहित सभी स्टाफ सदस्यों ने पौधरोपण कर विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अध्यापक नरेंद्र कुमार और हेड टीचर सुरेश मेहता ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए रोपे गए पौधों की सुरक्षा एवं देखभाल का संकल्प दोहराया। News Today Himachal Bureau | Chaupal #NewsTodayHimachal #Chaupal #EkPedMaaKeNaam #PlantationDrive #Environment #GreenHimachal #NarendraModi #Shimla #HimachalNews

Shimla Urban, Shimla | Aug 2, 2026

पर्यावरण संरक्षण का संदेश: जिला सोलन पत्रकार संघ ने नेचर रिट्रीट में किया पौधारोपण
50 से अधिक फलदार पौधे लगाए, संरक्षण का लिया संकल्पr

पर्यावरण संरक्षण का संदेश: जिला सोलन पत्रकार संघ ने नेचर रिट्रीट में किया पौधारोपण 50 से अधिक फलदार पौधे लगाए, संरक्षण का लिया संकल्पr

Shimla Urban, Shimla | Aug 2, 2026