
नन्हे हाथों ने संभाली स्वच्छता की जिम्मेदारी, चंडीवास के बच्चों ने हनुमान मंदिर की सफाई कर पेश की मिसाल
पंचकूला (मोरनी)। जब समाज के सबसे छोटे सदस्य बड़ी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लेते हैं, तो बदलाव की नई शुरुआत होती है। मोरनी खंड की मांधना पंचायत के गांव चंडीवास में नन्हे बच्चों ने हनुमान मंदिर परिसर की सफाई कर यह साबित कर दिया कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
बच्चों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मंदिर परिसर की साफ-सफाई की और लोगों से अपने घर, गांव, मंदिर तथा आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने की अपील की। उनका यह छोटा-सा प्रयास पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन गया।
इस अवसर पर पंडित सतीश शर्मा ने कहा कि बच्चे देश का उज्ज्वल भविष्य हैं। यदि उनमें बचपन से ही सामाजिक, धार्मिक और नैतिक संस्कार विकसित किए जाएं, तो वे आने वाली पीढ़ियों को भी सकारात्मक दिशा देंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य बच्चों में सेवा, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।
पंच हरीश शर्मा और ग्राम सरपंच पंचपाल शर्मा ने बच्चों की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि इन नन्हे बच्चों ने अपने कार्यों से यह संदेश दिया है कि स्वच्छता की शुरुआत किसी बड़े अभियान से नहीं, बल्कि अपने घर, मंदिर और आसपास के वातावरण से होती है। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे भी इन बच्चों से प्रेरणा लेकर स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ गांव के निर्माण में अपना योगदान दें।
गांववासियों ने भी बच्चों के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि हर गांव के बच्चे इसी तरह जागरूक बनें, तो स्वच्छ भारत का सपना और अधिक तेजी से साकार हो सकता है।
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