
समदा फार्म में मजदूरों की मजदूरी में गड़बड़ी और अवैध वसूली का मामला सामने आया है। 35 से अधिक मजदूरों ने सोमवार दोपहर कलेक्टर विकास मिश्रा से शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खातों में वास्तविक मजदूरी से अधिक राशि जमा की गई और बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के नाम पर पैसे वापस ले लिए गए।
मजदूरों ने अपनी शिकायत में बताया कि कंप्यूटर ऑपरेटर सुनील तिवारी ने वास्तविक कार्य दिवसों से अधिक मजदूरी दर्ज कर भुगतान कराया। इसके बाद अतिरिक्त राशि मजदूरों से नकद वापस ले ली गई। मजदूरों का कहना है कि उनसे अंगूठा लगवाकर यह राशि जमा कराई गई।
समदा फार्म लगभग 800 एकड़ क्षेत्र में फैला है, जहां धान, गेहूं सहित विभिन्न फसलों का उत्पादन होता है। यहां तैयार बीजों की पैकिंग और प्रसंस्करण के बाद उन्हें सीधी जिले के विभिन्न विकासखंडों और ग्राम पंचायतों में वितरित किया जाता है। फार्म में 50 से अधिक मजदूर कार्यरत हैं, जिन्हें प्रतिदिन 430 रुपए के हिसाब से 10 से 25 दिनों तक काम दिया जाता है।
मजदूर वंश बहादुर सिंह ने बताया कि उन्हें जितना काम नहीं किया, उससे अधिक भुगतान खाते में आया और उनसे करीब 7 हजार रुपए वापस ले लिए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी अधिकारियों से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक अन्य मजदूर सीताराम साहू ने कहा कि वह करीब 30 वर्षों से फार्म में कार्यरत हैं, लेकिन ऐसी स्थिति पहली बार देखी है।
इस संबंध में समदा फार्म प्रभारी गीता पटेल ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मौके पर की गई प्रारंभिक जांच में कर्मचारियों से पैसे लिए जाने की बात सामने आई है। पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है और यदि अनियमितता सिद्ध होती है तो संबंधित मजदूरों का पैसा वापस दिलाया जाएगा।
मामले में जब कंप्यूटर ऑपरेटर सुनील तिवारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि "मैडम ने कहा था, इसलिए इस बार ज्यादा मजदूरी डाली और पैसे निकाले गए।"
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