
बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा के राज्यसभा सांसद **शंभू शरण पटेल** ने अपनी ही सरकार की पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पुलिसिंग पूरी तरह चरमरा गई है और अपराधियों में कानून का डर कम होता दिख रहा है।
सांसद ने लड़कियों के साथ हो रही छेड़खानी की घटनाओं का जिक्र करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया। उनका आरोप है कि एक घटना के मामले में उन्होंने पटना एसएसपी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन का जवाब नहीं मिला और अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि बिहार में अच्छे डीजी, डीजीपी और मुख्य सचिव की जरूरत है।
शंभू शरण पटेल ने **2005 में नीतीश कुमार और सुशील मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार** के शुरुआती दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय अपराधियों में कानून का डर था और कई अपराधी बिहार छोड़कर चले गए थे।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब जमुई, समस्तीपुर और अन्य जिलों में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार ने भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सभी एसपी को अपराधियों में कानून का डर कायम करने और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।