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जिलाधिकारी

टीबी मुक्त अभियान में औरंगाबाद का उत्कृष्ट प्रदर्शन, राज्य के शीर्ष-5 जिलों में शामिल आज दिनांक- 13.06.2026 को मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में *टीबी मुक्त भारत अभियान* की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में औरंगाबाद जिला की उल्लेखनीय प्रदर्शन की सराहना की गई। बैठक में सभी जिलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि *टीबी मुक्त अभियान* के अंतर्गत औरंगाबाद जिला राज्य के *शीर्ष-5 जिलों* में शामिल है। जिले में अब तक *61,137 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग* की जा चुकी है, जो निर्धारित साप्ताहिक लक्ष्य का *258 प्रतिशत* है। यह उपलब्धि जिले की स्वास्थ्य टीम, जिला प्रशासन एवं सहयोगी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। बैठक में बताया गया कि *14 अगस्त तक जिले में कुल 1,48,838 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग* का लक्ष्य निर्धारित है। उल्लेखनीय है कि अभियान के प्रथम सप्ताह में जिले में लगभग *15,000 स्क्रीनिंग* ही हो सकी थी, जबकि निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप अब स्क्रीनिंग का आंकड़ा *एक लाख से अधिक* तक पहुंच चुका है। मुख्य सचिव ने इस उल्लेखनीय प्रगति की सराहना करते हुए अभियान की गति एवं गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि *टीबी मुक्त भारत अभियान* की टीम को निरंतर सक्रिय एवं सुदृढ़ बनाए रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि अभियान में *एसडीसी(वरीय उप समाहर्ता)* को नोडल की भूमिका में रखते हुए जन-जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता एवं व्यवहार परिवर्तन संबंधी गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि निर्धारित लक्ष्य समयबद्ध ढंग से प्राप्त किया जा सके। बैठक में यह भी बताया गया कि औरंगाबाद जिले में **निक्षय मित्र** के रूप में **NTPC** एवं **BRBCL** सक्रिय रूप से अभियान का सहयोग कर रहे हैं। इनके माध्यम से टीबी मरीजों को पोषण सहायता एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अभियान को और मजबूती मिल रही है। इस अवसर पर *जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.)* ने कहा कि औरंगाबाद जिले की यह उपलब्धि सभी स्वास्थ्यकर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं, जीविका दीदियों, संबंधित विभागों तथा निक्षय मित्रों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि *"हमारा लक्ष्य केवल निर्धारित संख्या में स्क्रीनिंग करना नहीं, बल्कि प्रत्येक संभावित टीबी मरीज की समय पर पहचान कर उसे गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। जिला प्रशासन अभियान की निरंतर निगरानी कर रहा है और 14 अगस्त तक निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करने के साथ-साथ औरंगाबाद को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।"* जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय से लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना अथवा अन्य टीबी संबंधी लक्षण हों तो वे निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में नि:शुल्क जांच कराएं। समय पर जांच एवं उपचार से टीबी का पूर्ण इलाज संभव है। यह संस्करण प्रेस में प्रकाशित होने के लिए अधिक प्रभावी है क्योंकि इसमें मुख्य सचिव की समीक्षा, जिले की उपलब्धि, लक्ष्य, निक्षय मित्रों की भूमिका, जिलाधिकारी का संदेश तथा आमजन के लिए अपील—सभी शामिल हैं।

Madanpur, Aurangabad | Jul 13, 2026

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Madanpur, Aurangabad | Jul 21, 2026

औरंगाबाद का साइंस में जिला टॉपर बना संजीत, नीट में भी लहराया परचम 

औरंगाबाद जिले के लिए गर्व की बात। मदनपुर प्रखण्ड मुख्यालय स्थित मदनपुर महाविद्यालय के मेधावी छात्र संजीत कुमार ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 12वीं साइंस में जिला टॉपर बनने के बाद अब राष्ट्रीय स्तर की नीट यूजी 2026 परीक्षा में भी संजीत ने पहले ही प्रयास में शानदार सफलता प्राप्त की है।राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा 16 जुलाई 2026 को घोषित नीट के परिणाम में संजीत ने 720 में से 615 अंक प्राप्त किए हैं। उन्हें 99.69 प्रतिशताइल और अखिल भारतीय रैंक 6128 मिली है। पिछड़ा वर्ग में उनका रैंक 2562 रहा है।

इससे पहले 12वीं की परीक्षा में संजीत ने 474 अंक लाकर औरंगाबाद जिले में साइंस संकाय में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी की लहर है।

संघर्ष भरी सफलता की कहानी
संजीत मूल रूप से गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र के नवाबचक गांव के निवासी हैं। रोजी-रोटी की तलाश में पिछले 15 वर्षों से उनके माता-पिता गयाजी जिले के आमस प्रखण्ड के बुधौल गांव में अस्थाई रूप से रह रहे हैं।

संजीत के पिता डॉ. जगदेव यादव एक निजी क्लीनिक में चिकित्सक हैं और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लोगों का इलाज करते हैं। माता सुनैना देवी गृहणी हैं और उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के लिए हर संभव त्याग किया है।

संजीत की प्रारंभिक शिक्षा बुधौल के सरकारी प्राथमिक विद्यालय से हुई। पांचवी कक्षा के बाद उन्होंने शेरघाटी के प्रतिष्ठित डीएवी पब्लिक स्कूल में नामांकन कराया। यहां भी उन्होंने अपनी मेहनत से सबको प्रभावित किया और मैट्रिक की परीक्षा में 483 अंक प्राप्त कर विद्यालय में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।

मां का मार्गदर्शन बना सफलता की कुंजी:
संजीत की माता सुनैना देवी बताती हैं कि संजीत बचपन से ही चंचल था, लेकिन पढ़ाई में उसकी रुचि शुरू से थी। "हमने कभी बच्चों पर पढ़ाई का बोझ नहीं डाला। उन्हें सही समय पर सही मार्गदर्शन दिया। अगर माता-पिता बच्चों के दोस्त बन जाएं तो सफलता अपने आप मिल जाती है।

संजीत का सपना एक अच्छा डॉक्टर बनकर अपने क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा करना है। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता, भाई-बहन और मदनपुर महाविद्यालय तथा डीएवी स्कूल के सभी शिक्षकों को दिया है।

संजीत ने कहा, मेरे पिता भी डॉक्टर हैं। उन्हें गांव के लोगों की सेवा करते देख मैंने भी यही संकल्प लिया। मेडिकल की पढ़ाई के बाद मैं अपने गांव और आसपास के क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने का काम करूंगा।"

नीट में विषयवार रहा शानदार प्रदर्शन:
नीट के स्कोर कार्ड के अनुसार संजीत ने रसायन विज्ञान में 99.96 प्रतिशताइल, भौतिक विज्ञान में 99.17 प्रतिशताइल और जीव विज्ञान में 96.60 प्रतिशताइल अंक प्राप्त किए हैं। शिक्षाविदों का मानना है कि इस प्रदर्शन के आधार पर पिछड़ा वर्ग कोटे से उन्हें देश के किसी प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेज या एम्स में प्रवेश मिलना तय है।

मदनपुर महाविद्यालय के प्राचार्य और सभी शिक्षकों ने संजीत की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया है। प्राचार्य ने कहा कि संजीत की मेहनत और अनुशासन से पूरे महाविद्यालय का नाम रोशन हुआ है।

#FirstAttemptSuccess #MadanpurCollege #SanjeetKumar #DistrictTopper #NEET2026 #Aurangabad #BiharEducation #Inspiration

औरंगाबाद का साइंस में जिला टॉपर बना संजीत, नीट में भी लहराया परचम औरंगाबाद जिले के लिए गर्व की बात। मदनपुर प्रखण्ड मुख्यालय स्थित मदनपुर महाविद्यालय के मेधावी छात्र संजीत कुमार ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 12वीं साइंस में जिला टॉपर बनने के बाद अब राष्ट्रीय स्तर की नीट यूजी 2026 परीक्षा में भी संजीत ने पहले ही प्रयास में शानदार सफलता प्राप्त की है।राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा 16 जुलाई 2026 को घोषित नीट के परिणाम में संजीत ने 720 में से 615 अंक प्राप्त किए हैं। उन्हें 99.69 प्रतिशताइल और अखिल भारतीय रैंक 6128 मिली है। पिछड़ा वर्ग में उनका रैंक 2562 रहा है। इससे पहले 12वीं की परीक्षा में संजीत ने 474 अंक लाकर औरंगाबाद जिले में साइंस संकाय में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी की लहर है। संघर्ष भरी सफलता की कहानी संजीत मूल रूप से गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र के नवाबचक गांव के निवासी हैं। रोजी-रोटी की तलाश में पिछले 15 वर्षों से उनके माता-पिता गयाजी जिले के आमस प्रखण्ड के बुधौल गांव में अस्थाई रूप से रह रहे हैं। संजीत के पिता डॉ. जगदेव यादव एक निजी क्लीनिक में चिकित्सक हैं और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लोगों का इलाज करते हैं। माता सुनैना देवी गृहणी हैं और उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के लिए हर संभव त्याग किया है। संजीत की प्रारंभिक शिक्षा बुधौल के सरकारी प्राथमिक विद्यालय से हुई। पांचवी कक्षा के बाद उन्होंने शेरघाटी के प्रतिष्ठित डीएवी पब्लिक स्कूल में नामांकन कराया। यहां भी उन्होंने अपनी मेहनत से सबको प्रभावित किया और मैट्रिक की परीक्षा में 483 अंक प्राप्त कर विद्यालय में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। मां का मार्गदर्शन बना सफलता की कुंजी: संजीत की माता सुनैना देवी बताती हैं कि संजीत बचपन से ही चंचल था, लेकिन पढ़ाई में उसकी रुचि शुरू से थी। "हमने कभी बच्चों पर पढ़ाई का बोझ नहीं डाला। उन्हें सही समय पर सही मार्गदर्शन दिया। अगर माता-पिता बच्चों के दोस्त बन जाएं तो सफलता अपने आप मिल जाती है। संजीत का सपना एक अच्छा डॉक्टर बनकर अपने क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा करना है। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता, भाई-बहन और मदनपुर महाविद्यालय तथा डीएवी स्कूल के सभी शिक्षकों को दिया है। संजीत ने कहा, मेरे पिता भी डॉक्टर हैं। उन्हें गांव के लोगों की सेवा करते देख मैंने भी यही संकल्प लिया। मेडिकल की पढ़ाई के बाद मैं अपने गांव और आसपास के क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने का काम करूंगा।" नीट में विषयवार रहा शानदार प्रदर्शन: नीट के स्कोर कार्ड के अनुसार संजीत ने रसायन विज्ञान में 99.96 प्रतिशताइल, भौतिक विज्ञान में 99.17 प्रतिशताइल और जीव विज्ञान में 96.60 प्रतिशताइल अंक प्राप्त किए हैं। शिक्षाविदों का मानना है कि इस प्रदर्शन के आधार पर पिछड़ा वर्ग कोटे से उन्हें देश के किसी प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेज या एम्स में प्रवेश मिलना तय है। मदनपुर महाविद्यालय के प्राचार्य और सभी शिक्षकों ने संजीत की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया है। प्राचार्य ने कहा कि संजीत की मेहनत और अनुशासन से पूरे महाविद्यालय का नाम रोशन हुआ है। #FirstAttemptSuccess #MadanpurCollege #SanjeetKumar #DistrictTopper #NEET2026 #Aurangabad #BiharEducation #Inspiration

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