मेरठ के SSP अविनाश पांडे पर योगी करेंगे कार्यवाही या देंगे शाबाशी?
मेरठ जिला मुख्यालय पर 8 जुलाई को दलित पंचायत की अनुमति जिला प्रशासन ने दिया था! अति उत्साह में भीड़ उग्र हो गई और सड़क जाम कर दिया! पुलिस अधिकारियों ने काफी समझाया बुझाया मामले का हल न निकालने पर बल प्रयोग हुआ! सबसे खास बात यह है कि पुलिस के वाहन में जिन आरोपियों को पकड़ा गया था उसमें घुसकर एसएसपी अविनाश पांडे ने उन्हें पीटा!
17 मई को एक दलित लड़की की हत्या कर गन्ने के खेत में उसे फेंकने के मामले में न्याय न होने पर मेरठ जिला मुख्यालय पर यह जमावड़ा हुआ था!
चक्का जाम करना अपराधिक कृत्य है जिस पर कार्यवाही हर हालत में ऐसे लोगों पर होनी चाहिए किंतु पुलिस वैन में घुसकर पीटना यह कहांँ तक उचित है?
कृपया अपनी राय दें! क्या मेरठ के युवा आईपीएस पर योगी लेंगे एक्शन या फिर थपथपाएंगे पीठ?
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