
चूरू, 2 अगस्त। शहर के झारिया मोरी स्थित मंत्रियों की छतरी में समस्त शिव भक्त साधक परिवार के तत्वावधान में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के चौथे दिन भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह एवं विदाई प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा के दौरान माता पार्वती की विदाई का प्रसंग सुनकर अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
कथा वाचक संतोष सागर महाराज ने कहा कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप, अटूट श्रद्धा और पूर्ण समर्पण का मार्ग अपनाया। उनकी भक्ति और तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया।
उन्होंने कहा कि माता पार्वती की विदाई भारतीय संस्कृति में माता-पिता के त्याग, वात्सल्य और बेटी के प्रति स्नेह का अनुपम उदाहरण है। बेटी की विदाई प्रत्येक माता-पिता के जीवन का सबसे भावुक क्षण होता है। उन्होंने समाज से बेटियों के सम्मान, संस्कार और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। भगवान शिव और माता पार्वती के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। कथा के समापन पर भगवान शिव एवं माता पार्वती की भव्य आरती की गई तथा क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की गई।
आयोजकों ने कथा में पधारे सभी यजमान परिवारों, सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
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Churu, Churu | Aug 3, 2026