
प्रेस वक्तव्य
प्रिय दर्शकों, पाठकों, शुभचिंतकों एवं पत्रकार साथियों,
मैं, शिवम पोद्दार, पिछले लगभग दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में पूरी निष्ठा, ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ कार्य कर रहा हूँ। इस दौरान आप सभी के प्यार, विश्वास और समर्थन ने मुझे समाज की आवाज़ उठाने तथा जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाने का अवसर दिया है।
हाल के दिनों में कुछ लोगों द्वारा लगातार मुझ पर पत्रकारिता छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। मुझे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से यह कहा जाता रहा है कि मैं अपने क्षेत्र में कार्य करना बंद कर दूँ, अन्यथा मेरा करियर बर्बाद कर दिया जाएगा। ऐसा प्रतीत होता है कि मेरी बढ़ती लोकप्रियता, जनविश्वास और पत्रकारिता के प्रति मेरी सक्रियता कुछ लोगों को स्वीकार नहीं है। इसी कारण मेरी छवि को धूमिल करने तथा मेरे कार्यों को प्रभावित करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार के बेबुनियाद और निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं।
कई बार मेरी गरिमा को ठेस पहुँचाने, मेरे चरित्र पर लांछन लगाने तथा मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास किया गया। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ कि मेरे विरुद्ध लगाए जा रहे सभी आरोप पूरी तरह निराधार, असत्य और तथ्यों से परे हैं। इनका एकमात्र उद्देश्य मेरी लोकप्रियता को कम करना तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में मेरी सक्रिय भूमिका को समाप्त करना है।
दुखद बात यह है कि यह दबाव केवल मेरे ऊपर ही नहीं, बल्कि मेरे साथ कार्य करने वाले सहयोगियों, रिपोर्टरों और टीम के सदस्यों पर भी बनाया जा रहा है। उन्हें विभिन्न माध्यमों से यह कहा जाता है कि वे मेरा साथ छोड़ दें, अन्यथा उन्हें भी बदनाम किया जाएगा, उनके कार्यक्षेत्र में बाधा उत्पन्न की जाएगी या उनके विरुद्ध भी माहौल तैयार किया जाएगा। कुछ सहयोगियों को पहले से ही अलग-थलग करने और उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा चुका है। यह केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के खिलाफ किया जा रहा एक सुनियोजित प्रयास प्रतीत होता है।
इसी क्रम में कुछ व्यक्तियों द्वारा षड्यंत्रपूर्वक मुझे डिजिटल प्रेस क्लब अररिया के जिला उपाध्यक्ष पद से निष्कासित किए जाने की सूचना दी गई तथा स्पष्टीकरण माँगा गया। लेकिन स्पष्टीकरण देने के लिए निर्धारित समय समाप्त होने से पहले ही मुझे सभी समूहों और मंचों से हटा दिया गया, जिससे मुझे अपना पक्ष रखने का अवसर ही नहीं मिला। जब किसी व्यक्ति पर आरोप लगाए जाते हैं, तो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के अनुसार उसे अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए, किंतु मेरे मामले में ऐसा नहीं किया गया। पहले सदस्यता समाप्त कर दी गई और उसके बाद स्पष्टीकरण की औपचारिकता निभाई गई, जो न्यायसंगत प्रक्रिया के अनुरूप नहीं कहा जा सकता।
मैं यह भी मानता हूँ कि किसी भी संस्था की विश्वसनीयता उसकी पारदर्शिता, निष्पक्षता और वैधानिक स्थिति पर निर्भर करती है। इसलिए इस पूरे प्रकरण को जनता, पत्रकार समाज और अपने शुभचिंतकों के समक्ष रखना अपना कर्तव्य समझता हूँ।
मैं पुनः स्पष्ट करना चाहता हूँ कि मैं न तो किसी दबाव में आने वाला हूँ और न ही सत्य की राह से पीछे हटने वाला हूँ। पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखते समय मैंने यह संकल्प लिया था कि हर परिस्थिति में सत्य, निष्पक्षता और जनहित को सर्वोपरि रखूँगा, चाहे उसका परिणाम कुछ भी हो। यदि सच बोलने और जनता की आवाज़ उठाने की कीमत संघर्ष है, तो मैं उस संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार हूँ।
मैं अपने सभी दर्शकों, पाठकों, शुभचिंतकों, सहयोगियों और टीम के सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। आप सभी के विश्वास, स्नेह और समर्थन ने ही मुझे यह शक्ति दी है कि मैं समाज का आईना बनकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकूँ।
आप सभी से अनुरोध है कि सत्य और निष्पक्ष पत्रकारिता के इस सफर में अपना विश्वास और समर्थन बनाए रखें।
धन्यवाद।
शिवम पोद्दार
संस्थापक एवं संपादक
पाई एक्सप्रेस न्यूज़
"सत्य, निष्पक्षता और जनहित के लिए प्रतिबद्ध"
Araria, Araria | Jun 22, 2026