
सोशल मीडिया पर 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' की गूंज, दो दिनों में 35 लाख से अधिक लोग जुड़े; मेरिट बनाम आरक्षण पर छिड़ी नई बहस
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' (Reservation Removal Movement) तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। दावा किया जा रहा है कि महज दो दिनों के भीतर इस ऑनलाइन अभियान से 35 लाख (3.5 मिलियन) से अधिक लोग जुड़ चुके हैं, जिससे यह इंटरनेट पर सबसे तेजी से ट्रेंड करने वाले अभियानों में शामिल हो गया है।
आंदोलन के समर्थकों का कहना है कि देश में जाति-आधारित आरक्षण व्यवस्था समाप्त कर शिक्षा, सरकारी नौकरियों और अन्य सभी अवसर केवल योग्यता, प्रतिभा और प्रदर्शन (मेरिट) के आधार पर दिए जाने चाहिए। उनका मानना है कि इससे प्रतिस्पर्धा निष्पक्ष होगी और योग्य उम्मीदवारों को समान अवसर मिलेंगे।
वहीं, इस अभियान ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और सामाजिक मंचों तक मेरिट बनाम आरक्षण को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक ओर इसे बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन मिल रहा है, तो दूसरी ओर कई लोग इसका विरोध करते हुए आरक्षण को सामाजिक न्याय और ऐतिहासिक असमानताओं को दूर करने का महत्वपूर्ण माध्यम बता रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस अभियान में शामिल लोगों की संख्या और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। विभिन्न पक्षों की राय अलग-अलग हो सकती है।