मेरी बहन दिव्या मिश्रा लखनऊ के गोमतीनगर ICICI BANK में डिप्टी मैनेजर के पद पर थी वो पति की साइको हरकतों और बहन की पागलपन की बिमारी की वजह से अलग रह रही थी.. रोज की तरह वो सुबह नौ बजे दफ़्तर पहुंची थी..दफ़्तर पहुंचने के बाद उसने अपना कामकाज निपटाया उसके बाद वो किसी से चेक-वेक कलेक्ट करने के लिए अपने कलीग के साथ बाहर चली गई..इस दरमियान उसका साइको पति दो रिवॉल्वर के साथ ऑटो से रेकी करने लगा. .जब वो बैंक पहुंची बैंक के गेट पर उसके पति ने पहले पहली रिवॉल्वर से गोली चलायी..फिर रिवॉल्वर की बट से चेहरे सिर पर कई वार किये..पास के सब लोग जान बचाकर भाग गए..फिर दूसरा रिवॉल्वर निकाला उससे फायर किया..माथे पर उसके बहुत बड़े बड़े होल हैं..दिव्या तुम अब नहीं हो ये यकीन कर पाना मुश्किल है..तुम मम्मी का बेटा थीं..मम्मी का बार बार फोन आ रहा है..मेरी हिम्मत नहीं है की की मैं उनको कह सकूँ की तुम अब नहीं रहीं..दिव्या काश के तुम इतनी सीधी नहीं होतीं..काश के हम आज पूर्णागिरि घूमने चले गए होते..👇
Purnea East, Purnia | Aug 21, 2026