
मुजफ्फरपुर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से बढ़ा कचरे का संकट, दुर्गंध से लोगों में बीमारी का डर
मुजफ्फरपुर। शहर में 30 जुलाई 2026 से जारी सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब आम लोगों के जीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। शहर के कई इलाकों में पिछले कई दिनों से कचरे का उठाव नहीं होने के कारण सड़कों और मोहल्लों में कचरे का अंबार लग गया है। इससे उठ रही दुर्गंध ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है और नागरिकों के बीच संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी जताई जा रही है।
स्थिति इसलिए भी अधिक गंभीर मानी जा रही है क्योंकि वर्तमान में श्रावण माह चल रहा है। इस दौरान बाबा गरीबनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मुजफ्फरपुर पहुंचते हैं। शहर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं को जगह-जगह फैला कचरा और दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है, जिससे शहर की छवि भी प्रभावित हो रही है।
सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि वे अपने अधिकारों और मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। दूसरी ओर, प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के बीच लगातार वार्ता होने की बात सामने आ रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है।
इस बीच शहर के नागरिकों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को इस मामले में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। लोगों का मानना है कि नगर निगम की महापौर और उपमहापौर को पहल कर सफाई कर्मचारियों तथा प्रशासन के बीच प्रभावी वार्ता करानी चाहिए, ताकि शहर को इस संकट से जल्द राहत मिल सके। कई नागरिकों ने नगर निगम नेतृत्व की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि अब तक समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित पहल नहीं की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द कचरे का निस्तारण नहीं हुआ तो दुर्गंध के कारण बच्चों, बुजुर्गों और अन्य नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। शहरवासियों ने नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप कर हड़ताल समाप्त कराने तथा सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
Bihar, India | Aug 6, 2026