
!! आओ सम्राट के साथ बनाएं नया बिहार !!
जो लोग श्री सम्राट चौधरी जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी आलोचना उनकी शिक्षा एवम असली- नकली बीजेपी कार्य कर्ता होने को लेकर कर रहे हैं उनके लिए ये पोस्ट कर रहा हूँ ध्यान से पढ़ कर विचार करे
(1) वर्तमान संविधान में अभी जो नियम निर्धारित है उसमें जन प्रतिनिधि बनने या चुनाव लड़ने के लिए,किसी भी सदन का सदस्य चुने जाने के नियम में उनकी शिक्षा कितनी होनी चाहिए ये कहीं भी वर्णित नहीं है , दूसरी बात ऐसा नहीं है कि सम्राट चौधरी जी भारतीय राजनीति के पहले ऐसे व्यक्ति है जो ऐसा कार्य कर रहे हैं! फिर इतना हाय तौबा क्यों...?
(2) जब कांग्रेस से बीजेपी मे आकर श्री हेमंता विश्वा शर्मा जी असम राज्य के मुख्यमंत्री बने तब आप सभी क्यों चुप थे उस समय उनके बीजेपी का असली नकली कार्य कर्ता होने पर सबाल क्यों नहीं उठाया, ना ही इस बात को बहस का मुद्दा बनाया आखिर क्यों....? क्योकिं वो रिस्तेदार थे, अपनी समाज व जाति के थे इसलिये सब माफ....? अब सम्राट जी कुशवाहा ह, पिछड़ा समाज से है इसलिए विरोध कर रहे हैं
(3) जन प्रतिनिधि का शिक्षित होना चाहिए इसका मैं भी पूर्ण रूप से समर्थन करता हूँ ,पर आप सब जागरूक लोगों से ही पूछना चाहता हूँ कि बिहार के प्रसिद्ध गणितज्ञ श्री K.C.Sinha को विधान सभा में मतदान देकर क्यों नहीं जिताया...? इसका जबाब ढूंढ लीजिये फिर खूब आलोचना करिये!