
लक्ष्य स्पष्ट हो, तैयारी निरंतर हो तो प्रशासनिक सेवा में सफलता निश्चित
..
शासकीय आदर्श महाविद्यालय, विदिशा की छह दिवसीय कार्यशाला का समापन
..
प्रशासनिक सेवा, बैंकिंग एवं प्रतियोगी परीक्षाओं पर विशेषज्ञों ने दिए सफलता के मंत्र
..
शासकीय आदर्श महाविद्यालय, विदिशा में आयोजित "प्रशासनिक अधिकारी कैसे बनें" विषयक छह दिवसीय कार्यशाला का शनिवार को प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक वातावरण में समापन हुआ। समापन सत्र में प्रशासनिक सेवा, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा बैंकिंग क्षेत्र के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को सफलता के व्यावहारिक सूत्र बताते हुए उनके प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दिए। वक्ताओं ने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, तैयारी निरंतर और अनुशासित हो तो प्रशासनिक सेवाओं में सफलता अवश्य प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम के विशेष अतिथि शासकीय अग्रणी महाविद्यालय, विदिशा के प्राचार्य डॉ. बी.डी. अहिरवार ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा, विभिन्न सेवाओं के कैडर, चयन प्रक्रिया तथा प्रशासनिक सेवाओं में उपलब्ध अवसरों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। नियमित अध्ययन, समय का प्रभावी प्रबंधन, आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास ही प्रशासनिक अधिकारी बनने की मजबूत नींव हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को वर्तमान घटनाक्रम, सामान्य अध्ययन और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान देने की सलाह भी दी।
मुख्य अतिथि अजय गोयल, सहायक संचालक, संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास, भोपाल ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गणित, रीजनिंग और समय प्रबंधन की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता केवल अधिक पढ़ने से नहीं, बल्कि सही रणनीति, नियमित अभ्यास और निरंतर आत्ममूल्यांकन से मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन लक्ष्य निर्धारित कर योजनाबद्ध तरीके से अध्ययन करने की प्रेरणा दी।
विशिष्ट अतिथि भगवान सिंह बघेल, मुख्य शाखा प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक, विदिशा ने बैंकिंग क्षेत्र में रोजगार और करियर की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते महत्व की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बैंकिंग सेवाओं में उपलब्ध अवसरों, तकनीकी बदलावों तथा डिजिटल लेन-देन के सुरक्षित उपयोग के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में बैंकिंग क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार और विकास का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से डिजिटल बैंकिंग के लाभ एवं चुनौतियों, अध्ययन के दौरान मन को एकाग्र रखने के उपाय, साक्षात्कार की प्रभावी तैयारी, लक्ष्य निर्धारण तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की रणनीति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अनेक प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने व्यावहारिक उदाहरणों और अपने अनुभवों के आधार पर विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया, जिससे उन्हें अपने करियर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
समापन समारोह में चीरखेड़ा के सरपंच अरुण शर्मा, जाफरखेड़ी के सरपंच हुकुम सिंह लोधी तथा खमतला के सरपंच प्रदीप मिश्रा भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन रूचि जैन ने प्रभावी ढंग से किया, जबकि संजय शर्मा ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ब्रह्मदीप अलूने ने बताया कि छह दिनों तक आयोजित इस कार्यशाला में प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, कृषि विशेषज्ञ, शिक्षाविद् और बैंकिंग विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं सहित विभिन्न प्रतिस्पर्धी क्षेत्रों में सफल करियर के लिए प्रेरित करना था। विद्यार्थियों ने भी कार्यशाला को अपने भविष्य निर्माण की दिशा में अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायी और मार्गदर्शक पहल बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की। #vidisha