
#उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष प्रभात ध्यानी को ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से ट्रेन से उतारकर हिरासत में लिए जाने के विरोध में विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने रामनगर कोतवाली का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया तथा उनकी तत्काल रिहाई की मांग की।
#प्रभात ध्यानी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ऋषिकेश से रवाना हुए थे।
#प्रभात ध्यानी को अगले दिन 20 जुलाई को दोपहर 2 बजे रिहा कर दिया गया। रिहा होने के बाद विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया।
#प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग की। साथ ही कहा कि शिक्षा का निजीकरण बंद होना चाहिए और नई शिक्षा नीति को सरकार वापस ले। उन्होंने कहा कि देश में अमीरों के लिए अलग गरीबों के लिए अलग शिक्षा पद्धति को समाप्त करके सभी को निशुल्क, सामान वैज्ञानिक, गुणवत्तापूर्ण और अपनी मातृभाषा में शिक्षा दिए जाने का कानूनी अधिकार संविधान में संशोधन कर दर्ज किया जाना चाहिए।
#इस दौरान प्रभात ध्यानी ने कहा कि उत्तराखंड सहित देश में जगह-जगह लोगों को जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने की कार्रवाई मोदी सरकार की तानाशाही है। उन्होंने जनता से ऐसी तानाशाह सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील की।
#उन्होंने बताया कि 19 जुलाई की शाम 5 बजे अचानक ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर कोतवाली पुलिस ऋषिकेश के एस एस आई नवीन जोशी ने जीआरपी के सिपाहियों के सहयोग से उन्हें ट्रेन से नीचे उतारकर हिरासत में ले लिया।
#उनका सामान और मोबाइल फोन भी पुलिस ने छीन लिए। आधार पूछने पर पुलिस ने बताया कि नैनीताल पुलिस से इनपुट मिला है कि आपको जंतर-मंतर जाने से रोकना है। कुछ समय बाद उन्हें रामनगर कोतवाली लाकर कोतवाल सुशील कुमार के सुपुर्द कर दिया गया। कोतवाल ने उन्हें रातभर कोतवाली में पुलिस हिरासत में रखा।
#प्रभात ध्यानी ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनके मित्रों या परिजनों को उनकी गिरफ्तारी की सही सूचना नहीं दी गई, जो कि कानून का उल्लंघन है।
#प्रभात ध्यानी की अवैध विरासत को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। जिस पर न्यायालय ने पुलिस को फटकार लगाई है। कल इस मामले पर पुनः सुनवाई की जाएगी।
#समाजवादी लोकमंच के मनीष कुमार जगमोहन सिंह, गिरीश चंद्र, व्यापार मंडल के संरक्षक मनमोहन अग्रवाल, देवभूमि व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनिंदर सिंह सेठी, इंकलाबी मजदूर केंद्र के रोहित रुहेला, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के मोहम्मद आसिफ, सुनील, लालमणि, किरण, महिला एकता मंच की कौशल्या, सरस्वती,ललिता रावत, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की तुलसी छिंबाल, शीला शर्मा, आइसा नेता सुमित कुमार, राज्य आंदोलनकारी पुष्कर दुर्गापाल, चंद्रशेखर जोशी, इंदर सिंह मनराल, रईस अहमद, देवेंद्रभट्ट, एडवोकेट सुरेश नैनवाल, एडवोकेट प्रकाश बिष्ट, मोहन कांडपाल कमल करगेती, हेम जोशी , टी के खान शाहिद समेत बड़ी संख्या में लोगों ने थाने में आकर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।
#uttarakhand #nainital #Ramnagar