
न्यूज़ देशआदेश नन्हे कंधों को बड़ी राहत: अब बच्चों के वजन का सिर्फ 10% होगा स्कूल बैग, शिक्षा विभाग के सख्त निर्देश
सरकारी व निजी स्कूलों में तत्काल प्रभाव से लागू आदेश, टाइम टेबल में बदलाव और एक्शन टेकन रिपोर्ट भी होगी अनिवार्य
देशआदेश शिमला।
जिले के हजारों स्कूली विद्यार्थियों को अब भारी-भरकम स्कूल बैग उठाने से राहत मिलेगी। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और शारीरिक विकास को ध्यान में रखते हुए स्कूल बैग के वजन को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उपनिदेशक उच्च शिक्षा लेखराज भारद्वाज ने जिले के सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और मुख्य अध्यापकों को इन निर्देशों का तत्काल प्रभाव से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
नए निर्देशों के अनुसार अब किसी भी छात्र के स्कूल बैग का वजन उसके शारीरिक वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। विभाग का मानना है कि अत्यधिक भारी बैग बच्चों की रीढ़ की हड्डी और शारीरिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। इसलिए सभी स्कूलों को इस सीमा का कड़ाई से पालन करना होगा।
इसके साथ ही स्कूलों को ऐसी समय-सारिणी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को प्रतिदिन केवल आवश्यक पुस्तकें और कॉपियां ही स्कूल लानी पड़ें। इससे बैग का अनावश्यक भार कम होगा और बच्चों को राहत मिलेगी।
शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी विद्यालय राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें। यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उपनिदेशक ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों से इस संबंध में की गई कार्रवाई की एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) निर्धारित प्रारूप में तय समय सीमा के भीतर कार्यालय में भेजने के निर्देश भी दिए हैं। विभाग ने कहा है कि आदेशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि नन्हे कंधों पर अनावश्यक बोझ न पड़े।