
कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर की सबसे बड़ी समस्या यानी भूमिगत जल स्तर के गिरने पर बेहद गंभीर बात कही। मंत्री जी ने खुलासा किया कि इस साल गर्मी में इंदौर के करीब 80 फीसदी भूमिगत बोरवेल पूरी तरह सूख चुके थे। अगर अब भी हम नहीं जागे तो स्थिति भयावह हो जाएगी। इसके लिए ‘पानी बचाओ, एक पेड़ लगाओ’ अभियान को आंदोलन बनाना होगा।
मंच से ही विजयवर्गीय ने इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अनुपस्थिति पर चुटकी लेते हुए कहा कि महापौर बैठकों में नहीं आ रहे हैं, आजकल आप काफी व्यस्त रहने लगे हैं।
उन्होंने मंच पर मौजूद पार्षदों को सीधे लफ्जों में चेताया कि अगर अपने-अपने मोहल्ले में आगे चैन से रहना है और जनता की गालियां नहीं सुननी हैं, तो हर घर में वाटर हार्वेस्टिंग का काम अनिवार्य रूप से करवाओ।
गंभीर नसीहतों के बाद विजयवर्गीय अपने चिर-परिचित मजाकिया मूड में आ गए और स्वागत भाषण के दौरान सामने बैठे नेताओं की अनोखी तुलना कर डाली।
हेमंत खंडेलवाल बने ‘शास्त्री जी’: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि, “खंडेलवाल जी की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री से की जा सकती है। शास्त्री जी का कद भले ही छोटा था, लेकिन वे काम बहुत बड़े-बड़े करते थे।”
प्रहलाद पटेल की हाइट पर बात: वहीं कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल की तरफ इशारा करते हुए बोले कि पटेल जी की हाइट जितनी लंबी है, उनके काम भी उतने ही लंबे और बड़े होते हैं।
रमेश मेंदोला को बताया ‘दाल बराबर’: इंदौर के ही कद्दावर विधायक और कई बार मंत्रियों की रेस में आगे रहने वाले रमेश मेंदोला को लेकर विजयवर्गीय ने बड़ा ही देसी तंज कसा। उन्होंने हंसते हुए कहा कि रमेश मेंदोला का हाल तो ऐसा है कि घर की मुर्गी दाल बराबर!
कैलाश विजयवर्गीय का यह अंदाज भले ही महफिल को गुदगुदाने वाला हो लेकिन उन्होंने जल संरक्षण को लेकर जो चेतावनी दी है, उसे इंदौर की जनता और जनप्रतिनिधियों को बेहद गंभीरता से लेना चाहिए। पेड़ लगाना और पानी बचाना अब राजनीति नहीं, बल्कि इंदौर के अस्तित्व का सवाल बन चुका है।
#indore #Indorenews #indorediaries #indorecity #mp09 #indori #kailashvijavargiya