
मोदी सरकार के अहंकार के आगे छात्रों के लिया16 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक, 8.2 किलो घटा वजन; सरकार ने अब तक नहीं लिया संज्ञान!
दरअसल, जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन कर रहे शिक्षाविद सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ती जा रही है. सीजेपी के मुताबिक, 16 दिनों में उनका 8.2 किलो वजन घट गया है और ब्लड ग्लूकोज 67 तक पहुंच गया है. पार्टी ने केंद्र से मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की है. इस बीच, आम आदमी पार्टी, माकपा और आइसा ने आंदोलन को समर्थन दिया. सीजेपी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रभावित परिवारों को मुआवजे की मांग कर रही है.
सीजेपी ने बताया कि वांगचुक का रक्तचाप 107/70 मिमी एचजी दर्ज किया गया है. प्रदर्शन का सोमवार को 24वां दिन था, जबकि वांगचुक का अनशन 16वें दिन में प्रवेश कर गया. पार्टी ने केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की है. सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर कहा कि सरकार इस मुद्दे को अहंकार की लड़ाई न बनाए, क्योंकि इससे लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है. उन्होंने कहा कि गलती स्वीकार करना कमजोरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और परिपक्वता का संकेत है. उनका कहना था कि प्रदर्शनकारी केवल जवाबदेही की मांग कर रहे हैं.
सीजेपी के अनुसार, आम आदमी पार्टी ने निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग दोहराई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया. उधर, अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) से जुड़े छात्र भी अलग मंच पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं. आइसा ने बयान जारी कर कहा कि आतिशी ने अनशन पर बैठे छात्रों से मुलाकात कर उनकी सेहत पर चिंता जताई. संगठन का कहना है कि सरकार की ओर से अब तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, लेकिन इसके बावजूद आंदोलन जारी रहेगा. सीजेपी की मांग है कि कथित परीक्षा अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें. साथ ही, परीक्षा गड़बड़ियों से जुड़े कथित आत्महत्या के मामलों में मृत छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए. संगठन ने 20 जुलाई, यानी संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, जंतर-मंतर से संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने का भी ऐलान किया है.
नाम - सोनम वांगचुक
निवासी - लद्दाख
उपलब्धि - लद्दाख की विषम परिस्थितियों में जीवन को सुगम बनाने के लिए प्रयासरत
वैज्ञानिक ।
भारतीय सेना के लिए सोलर टेंट बनाने वाले।
सोलर हीटेड मिट्टी के घर बनाए ।
लद्दाख के आईस स्तूप घर बनाने वाले ।
लद्दाख में शिक्षा और संस्कृति को बचाने वाले ।
इनके जीवन पर थ्री इडियट फिल्म बन चुकी हैं।
पेपर लीक के विरोध में पिछले 13 दिन से भूख हड़ताल पर है । कोई सुनवाई नहीं नेशनल मीडिया की कोई कवरेज नहीं ।
इसी हालत में अधिक दिन सर्वाइव नहीं कर सकते ।
अंदाजा लगाओ सरकार प्रतिभाओं ओर बुद्धिजीवियों के लिए कितनी असंवेदनशील है ।
#SonamWangchuk #CockroachJanataParty