इनका इंटरव्यू करने गए तब लगा कि पढ़ी लिखी महिला जो बेबाक बोलती है ओर अपने शब्दों से किसी पर भी कटाक्ष करने के बजाय अपने विजन को आमजन तक रखने प्रयास किया है। ऐसे प्रतिनिधि की हर एक जगह आवश्यकता है।
माना कि चुनाव जीतने के लिए हर एक हथकंडा अपनाया जाता रहा है, लेकिन निकाय चुनाव की कई तस्वीरों में निर्मल मन के लोगों में मतभेद मनभेद बना ओर रिश्ते हार गए।
वर्षों का प्रेम, संबंध, सहयोगीयों को महज वार्ड पंच के पद के लिए खो दिया अथवा दरारें पैदा हो गई!
इसके उलट आज पीपेरा गांव की यह सुखद तस्वीर सामने आई है, जहां पूर्व सरपंच ने मतदाताओं के फैसले के साथ खड़े नजर आए। हालांकि राजनीति में ऐसी तस्वीरें इसलिए कम नजर आती है क्योंकि पद का मोह नहीं छोड़ पाते। खुद के बाद बेटा, पोता, भाई आदि को चुनने का रिवाज बना हुआ था। जो कहीं न कहीं बदलता हुआ नजर आया।
सभी गांव वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं ओर उम्मीद है कि पर्चा दाखिल की अंतिम तारीख तक यह कायम रहे।
#लूणकरणसर