
खेतों की तारबाड़ में करंट छोड़ना गैरकानूनी
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कलेक्टर ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने से पूर्व दस अगस्त तक मांगे नागरिकों के सुझाव व आपत्तियां
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जिले में किसानों द्वारा अपनी फसलों को पालतू एवं जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेतों की तारबाड़ में झटका मशीन अथवा अन्य माध्यमों से विद्युत करंट प्रवाहित किए जाने की घटनाओं को गंभीरता से लिया गया है। इस संबंध में उपसंचालक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, विदिशा द्वारा जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है कि करंट युक्त तारबाड़ के कारण कई स्थानों पर आम नागरिकों एवं पशुओं की मृत्यु होने की सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं। ऐसे मामले जनजीवन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खेतों की तारफेंसिंग में विद्युत करंट प्रवाहित करना पूरी तरह गैरकानूनी एवं दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की लापरवाही से किसी व्यक्ति अथवा पशु की जान को खतरा पहुंचना कानून का उल्लंघन है और इसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
इसी परिप्रेक्ष्य में जिले में तारफेंसिंग में करंट प्रवाहित करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्तावित आदेश लागू करने से पूर्व जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों को अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया गया है।
यदि किसी व्यक्ति, किसान, संस्था अथवा अन्य संबंधित पक्ष को प्रस्तावित प्रतिबंधात्मक आदेश के संबंध में कोई आपत्ति, सुझाव या आवेदन प्रस्तुत करना हो अथवा मौखिक रूप से अपना पक्ष रखना हो, तो वे 10 अगस्त 2026 तक न्यायालय कलेक्टर, विदिशा में अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मानव जीवन एवं पशुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खेतों की सुरक्षा के लिए ऐसे किसी भी अवैध एवं जोखिमपूर्ण तरीके का उपयोग न करें तथा सुरक्षित एवं वैधानिक उपाय अपनाएं। प्रशासन का उद्देश्य जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है। #Vidisha