
यमुनापार के जाफराबाद और न्यू अशोक नगर थाने देश के टॉप-10 थानों में शामिल
गृहमंत्रालय की टीम ने किया निरीक्षण, अपराध नियंत्रण से लेकर जनसुनवाई और पुलिस व्यवहार तक परखी कार्यप्रणाली
नई दिल्ली। यमुनापार को अक्सर अपराध के लिहाज से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र के तौर पर देखा जाता है, लेकिन इसी इलाके की पुलिस अब देशभर में अपनी कार्यप्रणाली और उपलब्धियों के लिए पहचान बना रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से देश के सर्वश्रेष्ठ पुलिस थानों के चयन के लिए तैयार की गई सूची में उत्तर-पूर्वी दिल्ली का जाफराबाद थाना और पूर्वी दिल्ली का न्यू अशोक नगर थाना टॉप-10 में शामिल किए गए हैं।
सर्वश्रेष्ठ थानों के चयन के लिए गृह मंत्रालय की टीम ने दोनों थानों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान थानों में दर्ज मामलों, मामलों के निस्तारण की गति, चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया, शिकायतों पर कार्रवाई, आम लोगों के साथ पुलिस के व्यवहार, महिलाओं के प्रति पुलिस के रवैये, साफ-सफाई और पुलिस की कार्यप्रणाली सहित विभिन्न मानकों की बारीकी से जांच की गई। इन तमाम मानकों पर बेहतर प्रदर्शन के बाद दोनों थानों को देश के टॉप-10 थानों में जगह मिली है।
पिछले वर्ष पूर्वी दिल्ली का गाजीपुर थाना देश का सर्वश्रेष्ठ थाना चुना गया था। ऐसे में इस बार जाफराबाद और न्यू अशोक नगर थाने के टॉप-10 में पहुंचने से दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।
डीसीपी राहुल अलवाल ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का हौसला
बुधवार को उत्तर-पूर्वी जिले के डीसीपी राहुल अलवाल जाफराबाद थाने पहुंचे। उन्होंने थाने की कार्यप्रणाली का जायजा लेने के साथ थाना प्रभारी, एसीपी तनवीर अशरफ और पुलिसकर्मियों का उत्साह बढ़ाया।
डीसीपी ने पुलिसकर्मियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी थाने को सर्वश्रेष्ठ बनाने में वहां तैनात पुलिसकर्मियों की मेहनत, अनुशासन और जनता के प्रति जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने पुलिस टीम को इसी तरह बेहतर कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया।
13 साल किराये के भवन में चला जाफराबाद थाना, अब बदली तस्वीर
जाफराबाद थाना वर्ष 2009 में अस्तित्व में आया था। करीब 13 वर्षों तक थाना जाफराबाद रोड स्थित एक छोटे से किराये के मकान में संचालित होता रहा। वर्ष 2022 में इसे यमुना विहार स्थित डीडीए के भवन में स्थानांतरित किया गया और थाना को अपना स्थायी भवन मिला।
कभी गैंगवार और गंभीर आपराधिक घटनाओं के लिए चर्चा में रहने वाला जाफराबाद थाना अब अपराध नियंत्रण की अपनी रणनीति के कारण नई पहचान बना रहा है।
पुलिस के अनुसार, इलाके में सक्रिय गैंगस्टरों और नाबालिग अपराधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस टीम अपराधियों की गतिविधियों की जानकारी जुटाने के साथ उनके ठिकानों पर लगातार निगरानी और संपर्क बनाए रखती है।
अपराध रोकने के लिए बदली रणनीति
एसीपी तनवीर अशरफ के अनुसार, अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की मौजूदगी केवल थाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। पुलिसकर्मी सुबह और शाम क्षेत्र में कई घंटे सक्रिय रूप से गश्त और निगरानी करते हैं। गैंगस्टरों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उनके घरों और संभावित ठिकानों पर नियमित रूप से दस्तक दी जाती है। नाबालिग अपराधियों को भी लगातार निगरानी में रखा जा रहा है।
पुलिस की इसी रणनीति का असर क्षेत्र में गंभीर अपराधों पर दिखाई दे रहा है। पिछले एक वर्ष में जाफराबाद थाना क्षेत्र में हत्या की एक वारदात सामने आई है, जबकि पुलिस का दावा है कि गैंगवार और जघन्य अपराधों पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाने में सफलता मिली है।
पुलिसकर्मियों की मेहनत से बदल रही पहचान
जाफराबाद थाना लंबे समय तक अपराध और गैंगवार के कारण सुर्खियों में रहा, लेकिन अब पुलिस की सक्रियता, अपराधियों पर निगरानी और जनता के साथ बेहतर समन्वय के कारण इसकी तस्वीर बदलती नजर आ रही है।
गृह मंत्रालय की टॉप-10 सूची में जाफराबाद और न्यू अशोक नगर थाने का शामिल होना दिल्ली पुलिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब निगाहें अंतिम चयन पर हैं। उम्मीद है कि यमुनापार के ये दोनों थाने देश के सर्वश्रेष्ठ थानों की अंतिम सूची में दिल्ली पुलिस का गौरव और बढ़ाएंगे।