
बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राजधानी पटना में गंगा नदी खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो गंगा आज अब तक के उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड भी पार कर सकती है।
गंगा के साथ सोन, पुनपुन और दरधा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। इसका असर पटना के निचले इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में घुस चुका है। बिंद टोली में सैकड़ों घर पानी में डूब गए हैं, जबकि मिट्टी से बने कई घर ध्वस्त हो गए हैं।
बाढ़ से प्रभावित करीब 1500 परिवार जेपी गंगा पथ पर प्लास्टिक के टेंट लगाकर रहने को मजबूर हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पटना जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
शहर में बाढ़ का पानी प्रवेश करने से रोकने के लिए डीएम ने पटना सुरक्षा दीवार के सभी 108 गेट बंद रखने का निर्देश दिया है। वहीं, सुरक्षा दीवार के 13 स्लूइस गेट को डीएम की मौजूदगी में दुरुस्त कराया गया।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पीएचईडी विभाग के सभी पर्यवेक्षकों और जिला कार्यालय के पदाधिकारियों की छुट्टियां भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। प्रशासन की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।